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PM Modi Cabinet Meeting: PM मोदी की 4 घंटे तक चली मंत्रियों संग बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर हुआ मंथन

PM Modi Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं और आने वाले वर्षों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का आयोजन शाम 5 बजे ‘सेवा तीर्थ’ में किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल हुए। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले हुई यह पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक मानी जा रही है।

सरकार के कामकाज की हुई समीक्षा

सूत्रों के अनुसार यह बैठक सरकार के कामकाज की व्यापक समीक्षा के तौर पर आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न मंत्रालयों के पिछले महीनों के कार्यों, लिए गए फैसलों और उनके असर पर चर्चा हुई। साथ ही भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

9 मंत्रालयों ने रखा अपना रिपोर्ट कार्ड

बैठक में कुल 9 मंत्रालयों ने अपने कार्यों और उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण दिया। सबसे पहले वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके बाद पेट्रोलियम, गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय समेत कई अहम विभागों के कार्यों का आकलन किया गया।

सरकार की ओर से मंत्रालयों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सुधारों को चार हिस्सों में बांटकर प्रस्तुत करें। इनमें कानून में बदलाव, नियमों में संशोधन, नीतिगत परिवर्तन और कार्यशैली में सुधार शामिल थे। इसके साथ यह भी बताने को कहा गया था कि इन फैसलों का आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ा।

पीएम मोदी ने दिए खास निर्देश

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि वे वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए काम करें। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राथमिकता देने और लोगों की जिंदगी आसान बनाने वाले सुधारों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने बड़ी सरकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।

पश्चिम एशिया के तनाव पर भी चर्चा

बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे आम लोगों पर इस संकट का असर कम हो।

ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों का एक समूह पहले से इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया दौरे पर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।

विदेश दौरे की दी जानकारी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की हालिया पांच देशों की यात्रा से जुड़े अहम बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरे से भारत को किन क्षेत्रों में लाभ मिला और आगे किन संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

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Deepika Gupta

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