Ram Mandir Trust: अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती को अब और सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कर्मचारियों की यूनिफॉर्म से लेकर CCTV निगरानी, सुरक्षा जांच और बैंक तक कैश पहुंचाने की व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं। यह कदम कथित चढ़ावा चोरी के बाद उठाया गया है, ताकि गिनती की प्रक्रिया में सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
जेब रहित यूनिफॉर्म, एंट्री-एग्जिट पर सख्त तलाशी
राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए जेब रहित नई यूनिफॉर्म लागू की गई है। इसका मकसद गिनती के दौरान नकदी या कोई अन्य सामान बाहर ले जाने की आशंका को रोकना है। इसके साथ ही गिनती केंद्र में कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट पर सख्त तलाशी शुरू कर दी गई है, जिससे उनकी आवाजाही पर निगरानी और मजबूत हो सके।
CCTV फुटेज अब 180 दिन तक रहेगी सुरक्षित
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान की गिनती वाले कमरे की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की अवधि बढ़ा दी है। पहले रिकॉर्डिंग 45 दिनों तक रखी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। इससे किसी गड़बड़ी या शिकायत की स्थिति में करीब छह महीने तक फुटेज की जांच की जा सकेगी।
राम मंदिर के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया भी तेज
दान की गिनती की व्यवस्था में बदलाव के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले CEO के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। CEO पद के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम दौर के इंटरव्यू पूरे किए। कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।

