Samay Raina SC fine: इंडियाज गॉट लेटेंट (India's Got Latent) विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉमेडियन समय रैना के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि रैना ने "कोर्ट को गुमराह किया" और बेंच के सामने दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तनवर पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और दो सप्ताह के भीतर राशि जमा करने का आदेश दिया। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करने पर जुर्माना बढ़ाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना शो कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बावजूद उन्होंने SMA फाउंडेशन या स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों से संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह किस तरह के यूथ आइकन हैं।" इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी रैना की ओर से देर से दाखिल किए गए जवाब पर नाराजगी जताते हुए कथित तौर पर कहा, "इसे फेंक दीजिए।"
यह सुनवाई कंटेंट क्रिएटर्स रणवीर इलाहाबादिया, आशीष चंचलानी और क्योर SMA फाउंडेशन की याचिकाओं पर हुई। अदालत ने कहा कि रैना और अन्य कॉमेडियंस का बाद का आचरण कोर्ट में दिए गए आश्वासनों के अनुरूप नहीं था। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस जे.वी. मोहना की पीठ ने पांचों कॉमेडियंस को सार्वजनिक माफी जारी करने, अनुपालन हलफनामा दाखिल करने और SMA से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए धन जुटाने हेतु हर महीने दो विशेष कॉमेडी शो आयोजित करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय में आदेश का पालन नहीं किया गया तो जुर्माना 3 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक किया जा सकता है। इस पर सीजेआई ने कहा, "एक और शून्य जोड़ दिया जाएगा।"
यह विवाद 2025 में YouTube पर प्रसारित India's Got Latent के दो एपिसोड से जुड़ा है, जिनमें समय रैना और अन्य कॉमेडियंस ने दिव्यांग व्यक्तियों, SMA से पीड़ित मरीजों, इस बीमारी से जूझ रहे एक शिशु, दृष्टिबाधित और भेंगापन से पीड़ित लोगों पर टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों पर व्यापक विरोध हुआ, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी कॉमेडियंस को तलब किया और उन्हें अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक माफी प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी सुझाव दिया था कि SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की तर्ज पर ऐसा कानून बनाया जाए, जिसमें दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाने या उनका अपमान करने वाले चुटकुलों को दंडनीय अपराध बनाया जाए। उन्होंने सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया जा सकता। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने भी सहमति जताई कि हास्य किसी की गरिमा की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
इसके बाद अक्टूबर 2025 में समय रैना, विपुल गोयल, सोनाली ठक्कर, निशांत तनवर और बलराज घई ने संयुक्त बयान जारी कर विवाद पर गहरा खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि उनके शो से लोगों को जो पीड़ा पहुंची, उसके लिए वे क्षमा चाहते हैं और आगे से अधिक संवेदनशील रहेंगे तथा संबंधित समुदाय की चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।
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