CJP Spokespersons Delhi HC: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के मामले में आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब अपीलीय अदालत में आदेश को चुनौती देने का विकल्प मौजूद है, तो याचिकाकर्ता सीधे हाई कोर्ट क्यों पहुंचे। इस दौरान कोर्ट ने दोनों प्रवक्ताओं को फटकार भी लगाई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों की उम्र और संगठन के उद्देश्य पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि जंतर-मंतर पर रोक होने के बावजूद वे वहां क्यों गए और शांति बनाए रखने का बॉन्ड देने के बाद ऐसी घटना होने पर सख्त कार्रवाई गलत कैसे है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने के लिए रिवीजन याचिका का विकल्प होने पर सीधे हाई कोर्ट क्यों आए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि जंतर-मंतर को डिनोटिफाय करने से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन संबंधित अधिसूचना पर अब तक रोक नहीं लगी है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि बैरिकेड तोड़ने और शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन करने पर क्या दोनों पर सख्त नियम लागू करना गलत होगा। अदालत ने आशंका जताई कि ऐसी कार्रवाई से दूसरे लोग भी ऐसा करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को बिना अनुमति जंतर-मंतर जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 14 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। 19 अक्टूबर को हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। अब दोनों की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर को खत्म होने वाली है।
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