Saturday, Oct 24

होम = अध्यात्म = Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात करें ये 5 उपाय, चंद्र दोष से मिलेगी राहत

Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात करें ये 5 उपाय, चंद्र दोष से मिलेगी राहत

Sharad Purnima 2026: हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होते हैं और उनकी चांदनी अमृत के समान मानी जाती है। इस साल शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा से जुड़े कुछ उपाय करने से कुंडली में चंद्र दोष के प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या होता है चंद्र दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति या उस पर दूसरे ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को चंद्र दोष से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि शनि, राहु या केतु के साथ चंद्रमा की युति अथवा उन ग्रहों की दृष्टि से ऐसी स्थिति बन सकती है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा को नीच का माना जाता है। इसके अलावा, केमद्रुम योग को भी चंद्रमा की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है। इसी वजह से चंद्रमा की कमजोर स्थिति को मानसिक बेचैनी, निर्णय लेने में परेशानी और रिश्तों में तनाव जैसी स्थितियों से जोड़ा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं।

शरद पूर्णिमा पर करें चंद्र दोष से जुड़े ये 5 उपाय

चंद्र मंत्रों का जाप करें

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से जुड़े मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक 'ॐ सोम सोमाय नमः' या 'ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है।

चंद्र यंत्र की स्थापना करें

चंद्र यंत्र को ज्योतिष में चंद्रमा से जुड़ी समस्याओं के निवारण का एक उपाय माना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन इसकी स्थापना करके विधि-विधान से पूजा की जा सकती है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

सफेद वस्तुओं का दान करें

ज्योतिष में चंद्रमा का संबंध सफेद रंग की वस्तुओं से माना जाता है। ऐसे में शरद पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों को चावल, दूध, चीनी या सफेद कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से चंद्रदेव की कृपा प्राप्त होती है।

चंद्रमा को अर्घ्य दें

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा के दर्शन करके उन्हें अर्घ्य देने की परंपरा है। इसके लिए एक पात्र में साफ पानी लेकर उसमें थोड़ा दूध और साबुत चावल मिला सकते हैं। इसके बाद श्रद्धापूर्वक चंद्रमा को अर्घ्य दें। मान्यता है कि इससे चंद्रदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

भगवान शिव की पूजा करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और चंद्रमा का विशेष संबंध है। भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया है। ऐसे में शरद पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पूजा कर सकते हैं। साथ ही, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे चंद्रमा से जुड़ी परेशानियों के प्रभाव कम हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव का जिक्र कर नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी को घेरा, छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज