Smit Machchhar Flydubai Pilot: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने कथित तौर पर कॉकपिट पर नियंत्रण हासिल कर विमान को इजरायल में क्रैश कराने की कोशिश को नाकाम किया। 38 वर्षीय मच्छर पर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पीछे से क्रैश ऐक्स से हमला किया, जिससे उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
खून बहने और तेज दर्द के बावजूद मच्छर ने दो बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। पहली बार वह ठीक से देख नहीं पा रहे थे और दरवाजा फिर बंद कर दिया गया। दूसरी बार धुंधली नजर के बावजूद उन्होंने दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्री अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू किया। कॉकपिट का दरवाजा बाहर से नहीं खोला जा सकता।
विमान 17 हजार फीट नीचे गिरा
जांचकर्ताओं के अनुसार, अल-हम्मामी कथित तौर पर 9/11 जैसी घटना को अंजाम देकर तेल अवीव की किसी गगनचुंबी इमारत से विमान टकराने की योजना बना रहा था। 170 से अधिक यात्रियों वाला विमान दो मिनट में 17,000 फीट से ज्यादा नीचे गिरा। उड़ान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को संभाला और इसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा। विमान में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव ने सबसे पहले मच्छर का इलाज किया। उनके मुताबिक पायलट के सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था और कुछ मिनट की देरी भी जानलेवा हो सकती थी।
अबू धाबी में चल रहा इलाज
गुजरात के रहने वाले मच्छर को सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी लाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर सिर और अन्य चोटों के कारण पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है। अबू धाबी स्थित भारतीय मिशन डॉक्टरों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल में मच्छर ने कहा कि वह फर्श पर पड़े होने के बावजूद हमले का सामना कर रहे थे और दरवाजा खोलने में सफल रहे। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में उन्होंने बताया कि को-पायलट ने प्रार्थना का बहाना बनाकर सीट छोड़ी और पीछे से उनके सिर पर वार किया। मच्छर ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह मर जाएंगे, लेकिन उन्होंने पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
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