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डेटा प्रोटेक्शन कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस, अगली सुनवाई 17 नवंबर को

by | Oct 27, 2026 | Breaking, News Big

DPDP Act Supreme Court Case: डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून को लेकर डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। DNPA ने कानून के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने अदालत में दलील दी कि इन प्रावधानों से न्यूजरूम का कामकाज ठप हो सकता है। अब इस मामले में केंद्र सरकार का जवाब अहम होगा।

DNPA ने अभिव्यक्ति की आजादी सीमित होने की आशंका जताई

DNPA ने अपनी याचिका में दलील दी है कि डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून संविधान के तहत मिले सूचना के अधिकार और बोलने व अभिव्यक्ति की आजादी जैसे मौलिक अधिकारों को सीमित करता है। एसोसिएशन के मुताबिक, कानून के प्रावधान पत्रकारों के लिए गड़बड़ियों और गलत कामों की जांच करने में बाधा बन सकते हैं। इससे खोजी पत्रकारिता प्रभावित होने की आशंका है।

कानून की कई धाराओं और नियमों को दी चुनौती

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में DNPA ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट की धारा 7, 17(2), 18, 19, 27, 29, 36, 37 और 44(3) को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। एसोसिएशन ने DPDP नियम, 2025 के नियम 16, 17 और 23 को भी चुनौती दी है। याचिका में इन प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। बता दें कि मामले को लेकर अब अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

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