Fake Cotton Seeds Case: किसानों को कथित तौर पर नकली कपास बीजों की सप्लाई करने के मामले में तेलंगाना पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर (SI) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नकली बीजों के कारोबार में मदद करने और इसके बदले हर किलो बीज पर 100 रुपये कमीशन लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में करीब 4,000 किलो संदिग्ध नकली कपास बीजों की सप्लाई की गई, जिनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार सब-इंस्पेक्टर की पहचान सेग्याम वेंकटेश के रूप में हुई है। वह मुलुगु जिले की स्पेशल ब्रांच में तैनात था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कार से दो क्विंटल संदिग्ध बीज मिलने के बाद खुला मामला
यह मामला तेलंगाना के कुमारम भीम आसिफाबाद जिले का है। पुलिस के अनुसार, इसकी जांच 11 अगस्त को शुरू हुई, जब पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने आदिलाबाद एक्स रोड्स के पास एक कार को रोका। तलाशी के दौरान कार से चार बोरियों में रखे करीब दो क्विंटल संदिग्ध नकली कपास बीज बरामद किए गए। उस समय कार में शेख सलमान और ए. वेणुगोपाल रेड्डी मौजूद थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बरामद बीजों के संबंध में पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने लगी। पुलिस ने आरोपियों के बयानों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे साक्ष्यों की जांच की। इसी दौरान सब-इंस्पेक्टर सेग्याम वेंकटेश का नाम सामने आया। जांच के आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया।
4,000 किलो बीजों की सप्लाई और कमीशन का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, वेंकटेश ने कथित तौर पर भीमिनी निवासी शेख सलमान और राजन्ना सिरसिल्ला जिले के कारोबारी वेणुगोपाल रेड्डी के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद की थी। आरोप है कि पिछले कपास सीजन के दौरान बीजों की बिक्री पर हर किलो के हिसाब से 100 रुपये कमीशन देने की बात तय हुई थी।
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, वेणुगोपाल रेड्डी ने तीन खेपों में सलमान को करीब 40 क्विंटल यानी 4,000 किलो संदिग्ध नकली कपास बीज सप्लाई किए। इनकी कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस का दावा है कि इस कारोबार में वेंकटेश ने अप्रत्यक्ष रूप से मदद की और इसके बदले कमीशन लेने की बात तय हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कुल 40 क्विंटल बीजों में से लगभग 35 क्विंटल कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए बेचे गए। शेष पांच क्विंटल बीज नेन्नेल मंडल के एक पोल्ट्री फार्म में रखे गए थे। अधिकारियों ने 11 अगस्त को कार से जो दो क्विंटल बीज बरामद किए थे, वे इसी कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच का अहम हिस्सा बने।
पहले आसिफाबाद में तैनात था आरोपी SI
पुलिस के अनुसार, सेग्याम वेंकटेश पहले कुमारम भीम आसिफाबाद जिले में टास्क फोर्स के सब-इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात था। इसी दौरान एक पुराने नकली बीज मामले के सिलसिले में उसकी मुलाकात शेख सलमान से हुई थी। फरवरी 2026 में उसका तबादला मुलुगु जिले में कर दिया गया, जहां वह गिरफ्तारी के समय स्पेशल ब्रांच में कार्यरत था। आसिफाबाद की एसपी नितिका पंत के मुताबिक, वेंकटेश को 12 अक्टूबर को कागजनगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
नकली बीजों का कारोबार किसानों के लिए क्यों चिंता का विषय
कपास की खेती में बीजों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। किसान बीज खरीदने के साथ खेत तैयार करने, खाद डालने और सिंचाई करने पर भी पैसा खर्च करते हैं। ऐसे में यदि बीज नकली या खराब गुणवत्ता वाले निकलते हैं, तो फसल की वृद्धि प्रभावित हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस मामले में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संदिग्ध बीज कहां से लाए गए, उन्हें तैयार करने और बाजार तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी और क्या इनकी बिक्री से किसानों को नुकसान हुआ। फिलहाल पुलिस कथित सप्लाई चेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
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