Cover Story Featured

होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई मालवाहक जहाज पर हमला, तेल लेकर आ रहा था भारत

Hormuz Strait attack: होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय थाई ध्वज वाले एक मालवाहक पोत “मयूरी नारी” पर बुधवार को हमला हुआ। घटना ओमान के तट से लगभग 11 समुद्री मील (लगभग 18 किलोमीटर) उत्तर में हुई। थाईलैंड की नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की और पोत को सहायता प्रदान करने के लिए आपातकालीन व्यवस्था की।

थाई अधिकारियों ने बताया कि मयूरी नारी पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया था। पोत भारत की ओर जा रहा था और इस हमले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय चैनलों के माध्यम से बचाव कार्य किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि तीन लोग अभी भी जहाज पर फंसे हुए हैं।

अन्य जहाजों को भी हुआ नुकसान

मयूरी नारी अकेला प्रभावित पोत नहीं था। उसी दिन होर्मुज जलडमरूमध्य में कम से कम दो अन्य जहाजों को भी हमले का सामना करना पड़ा। इससे इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा पर गंभीर चिंता बढ़ गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और माल परिवहन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था में ऊर्जा और माल की आपूर्ति सीधे प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलडमरूमध्य की असुरक्षा वैश्विक व्यापार और तेल कीमतों पर प्रत्यक्ष असर डाल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय ने इस मार्ग में बढ़ते तनाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

ईरानी नौसैनिक गतिविधियां और वैश्विक चिंता

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों और अन्य मालवाहक जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए अपनी नौसैनिक उपस्थिति बढ़ा दी है। इसके परिणामस्वरूप, तेल और गैस की आपूर्ति में व्यवधान की संभावना बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग में लंबी अवधि के व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि और जीवन यापन की लागत में असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।

UNCTAD की रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव ने होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि जलमार्ग के संचालन में किसी भी रुकावट से वैश्विक व्यापार, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषकर तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आने से दुनिया के कई देशों में कीमतों में वृद्धि और आर्थिक अस्थिरता का खतरा है।

Yas Pal

Recent Posts

सिक्किम में लैंडस्लाइड, ओडिशा में चक्रवात की बारिश; 20 से ज्यादा घर बहे, 10 हजार लोग सुरक्षित जगह पहुंचे

Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार की देर रात बड़ा…

55 minutes ago

अंतरिक्ष से आया रहस्यमयी रेडियो सिग्नल, 63.4 प्रकाश वर्ष दूर ग्रह से जुड़ा पहला संकेत

Beta Pictoris b Radio Signal: अंतरिक्ष से मिले एक रहस्यमयी रेडियो सिग्नल ने वैज्ञानिकों का…

1 hour ago

Trump-Xi Meet: ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में क्या-क्या हुआ? जानें प्रमुख बातें

Trump Xi Meet: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…

1 hour ago

UAE की कंपनी में बॉस ने कर्मचारियों को तोहफे में बांटे iPhone

UAE Company iPhone Gift: ऑफिस में बॉस की मीटिंग का नाम सुनकर आमतौर पर कर्मचारी…

1 hour ago

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बाद सीमा खन्ना पर निशाना, वोटर लिस्ट से जुड़ा क्या है विवाद?

Seema Khanna Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट और डिजिटल सिस्टम को लेकर…

2 hours ago

एक्टर मुश्ताक खान के फैंस से बेटे मोहसिन की अपील, ‘गम नहीं उनकी यादें मनाएं’

Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की…

2 hours ago