भारत ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच अपने नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण समुद्री और हवाई मार्गों पर असर पड़ रहा है। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई और एक लापता है।
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश के सिन्हा ने बताया कि भारतीय जहाजों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय ध्वज वाला एक जहाज हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से रवाना हुआ है। यह जहाज भारत नहीं लौट रहा, बल्कि अफ्रीका जा रहा है। सिन्हा ने बताया कि क्षेत्र में दर्जनों भारतीय जहाज मौजूद हैं और सैकड़ों नाविक वहां काम कर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फारस की खाड़ी में 24 जहाज हैं, जिनमें 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं, ओमान की खाड़ी में तीन जहाज मौजूद हैं जिनमें 76 नाविक हैं। पूरे खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर कार्यरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिपिंग महानिदेशालय संबंधित एजेंसियों के माध्यम से उनके संपर्क में है।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक लापता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि मस्कट में दो नागरिकों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान असीम आर महाजन और सुहास के रूप में हुई है। सरकार ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए पश्चिम एशिया में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। इस सुविधा के माध्यम से अब तक लगभग 900 फोन कॉल और 200 ईमेल प्राप्त हो चुके हैं।
संकट के कारण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हवाई मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। कुवैत और इराक में हवाई क्षेत्र बंद हो गया है, लेकिन भारत अपने नागरिकों की वापसी के लिए सऊदी अरब के मार्ग का उपयोग कर रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत में पेट्रोलियम और गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। रिफाइनरियों में पर्याप्त कच्चा तेल भंडार है और पेट्रोल व डीजल उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति भी बिना किसी रुकावट जारी है।
हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के कारण एलपीजी की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि बुकिंग 75.7 लाख रिफिल तक पहुंच गई है। शर्मा ने लोगों से आग्रह किया है कि केवल आवश्यकतानुसार ही बुकिंग करें और घबराहट में अतिरिक्त ऑर्डर न दें।
सरकार ने राज्यों को एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पहले ही आदेश जारी किए हैं। एलपीजी आपूर्ति और अस्पतालों में वितरण सामान्य रूप से जारी है।
फारस की खाड़ी में तनाव के बावजूद, सरकार ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और जहाजरानी उद्योग के साथ समन्वय बनाए रखेगी। एलपीजी उत्पादन में वृद्धि की गई है, जिससे घरेलू मांग पूरी करने में आसानी होगी।
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