Monday, Oct 26

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उमर खालिद की PhD रिसर्च पर आधारित किताब पुणे के IISER की लाइब्रेरी में मिलने पर बढ़ा विवाद

Umar Khalid Book IISER Pune: महाराष्ट्र के पुणे स्थित केंद्र सरकार के विज्ञान और शोध संस्थान IISER की लाइब्रेरी में उमर खालिद की किताब मिलने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। संस्थान की श्रीनिवास रामानुजन लाइब्रेरी में रखी गई इस किताब पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। यह पुस्तक उमर खालिद की पीएचडी रिसर्च पर आधारित है, जिसमें आदिवासी समुदायों के इतिहास और सत्ता संबंधों का अध्ययन किया गया है। अब लाइब्रेरी में इस किताब को शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आदिवासी इतिहास और सत्ता संबंधों पर आधारित है किताब

उमर खालिद की इस किताब का नाम ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज़: आदिवासी हिस्ट्रीज़ एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर’ है। इसमें झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र के आदिवासी समुदायों के इतिहास, ब्रिटिश काल की प्रशासनिक व्यवस्था और आदिवासी समाज के भीतर सत्ता संबंधों का अध्ययन किया गया है। यह किताब उमर खालिद की पीएचडी रिसर्च पर आधारित है। उन्होंने 2018 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में अपनी थीसिस जमा की थी और 2019 में उन्हें पीएचडी की डिग्री मिली थी।

JNU में नारों को लेकर ABVP के आरोप

पुणे IISER विवाद से एक दिन पहले ABVP ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर की दीवारों पर ‘उमर खालिद को रिहा करो’ और ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे जाने का आरोप लगाया था। ABVP ने वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं पर ये नारे लिखने और वीडी सावरकर के चित्र के पास आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का दावा किया। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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