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गोरखपुर-फैजाबाद MLC चुनाव पर्यवेक्षक हटाए गए, BJP के बागी नेता की शिकायत पर एक्शन

by | Oct 26, 2026 | Cover Story Latest

UP MLC Election: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनावों के बीच चुनाव आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी क्षेत्र के चुनाव पर्यवेक्षक अभय सिंह को पद से हटा दिया है। बीजेपी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। उनकी जगह 2009 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में री-पोल के दौरान अनियमितताओं के मामले में भी आयोग ने अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने की थी शिकायत

बीजेपी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव पर्यवेक्षक रहे अभय सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में अवैध खनन मामले में सीबीआई की छापेमारी और उनके आवास से नकदी बरामद होने से जुड़े मामले का उल्लेख किया गया था। शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने अभय सिंह को पद से हटा दिया। अब गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी सीट की मतगणना के लिए आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया चुनाव पर्यवेक्षक बनाया गया है।

आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में छह अधिकारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पोलिंग स्टेशन 20, 21 और 26 पर री-पोल के दौरान अनियमितताएं सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पोलिंग स्टेशन 21 और 26 पर तैनात छह सुपरवाइजरी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है। कार्रवाई के दायरे में आए अधिकारियों में सेक्टर मजिस्ट्रेट और जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी ओपी चक, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह, एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार, सेक्टर मजिस्ट्रेट और फतेहाबाद के क्षेत्रीय वन अधिकारी विशाल राठौर, फतेहाबाद के एडिशनल इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी शामिल हैं।

बूथवार मतदान का ब्योरा मांग रही सपा

इस बीच, समाजवादी पार्टी ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मतदान के बाद बूथवार कुल मतदाताओं और पड़े मतों का विवरण मांगा है। सपा ने अपनी मांग के समर्थन में कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 और चुनाव आयोग के विभिन्न निर्देशों का हवाला दिया है। पत्र की प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के संज्ञान के लिए भी भेजी गई है। इसके अलावा लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, हरदोई और प्रतापगढ़ के जिलाधिकारियों तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है।

यूपी चुनाव से पहले सपा में शामिल हुए बीजेपी के दो पूर्व विधायक

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। सोमवार को लखनऊ में अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई नेता सपा में शामिल हुए। इनमें बीजेपी के दो पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और सिनोद कुमार शाक्य शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी और मुजफ्फरनगर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा। अखिलेश यादव ने नए नेताओं का स्वागत करते हुए उन्हें PDA का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के पार्टी में आने से PDA की ताकत बढ़ेगी। हालांकि, पार्टी में शामिल होने का मतलब विधानसभा चुनाव का टिकट मिलना तय होना नहीं है। दातागंज और बिसौली सीटों पर किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इसका फैसला आगे किया जाएगा।

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