Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश सरकार यात्री और माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की तैयारी में है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण पर सरकारी खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
तीन एक्सप्रेसवे की योजना तैयार
प्रस्तावित परियोजनाओं में 320 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, 145 किलोमीटर का मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और 100 किलोमीटर लंबा विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
तीनों का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये परियोजनाएं राज्य को 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मदद करेंगी।
करीब 650 गांवों से गुजरेंगे एक्सप्रेसवे
सरकार ने तीनों एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट तय कर लिया है। ये उत्तर प्रदेश के लगभग 650 गांवों और उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से गुजरेंगे।
सबसे बड़े विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए पूर्वी यूपी के 109 गांवों में करीब 4,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी। यह 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक विस्तारित करेगा।
मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से उत्तराखंड के हरिद्वार तक जोड़ेगा। इसके लिए अमरोहा और बिजनौर के 184 गांवों सहित हरिद्वार जिले में लगभग 2,020 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। भारत के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को किया था।
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