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50%, 25%, 18% या फिर 10%…अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लगेगा कितना टैक्स? जानिए सबकुछ यहां

US Supreme Court tariff India: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के बाद भारतीय निर्यात पर लगने वाले शुल्क को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस फैसले से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जो पिछले साल ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वजह से पैदा हुई अराजकता की ही तरह है। ट्रंप द्वारा व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ ही दिनों बाद टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने के बाद भारत के निर्यातकों को एक बार फिर बदलते लक्ष्य के अनुरूप ढलना होगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत को 18%, 10% या 13.5% का टैरिफ देना होगा? हम इस असमंजस को दूर करेंगे ।

हाल ही में ट्रंप के साथ इस महीने की शुरुआत में हुए अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत को 18% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा था। इस समझौते पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके तहत, पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ तब हटा दिया गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि नई दिल्ली मॉस्को के साथ अपना ऊर्जा व्यापार बंद कर देगी।

भारत में टैरिफ का गणित

हालांकि, शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप पांच दशक पुराने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए शांति काल में टैरिफ नहीं लगा सकते। इससे भारत पर लगाए गए 18% के पारस्परिक टैरिफ का कानूनी आधार प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है। कानूनी फेरबदल के चलते भारत के टैरिफ घटकर 3.5% हो जाते, जो कि ट्रंप के कदम से पहले नई दिल्ली को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा प्राप्त होने के कारण चुकाने पड़ रहे थे।

हालांकि, गुस्से से भरे ट्रंप ने तुरंत कार्रवाई की । शनिवार तक अमेरिका के इस चंचल राष्ट्रपति ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर भारत सहित सभी देशों से आयात पर 10% का नया शुल्क लगाने का आदेश जारी कर दिया, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए शुल्कों की जगह लेगा। इसके लिए उन्होंने धारा 122 नामक एक ऐसे कानून का सहारा लिया जिसका पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुआ था। यह धारा अमेरिकी राष्ट्रपतियों को 150 दिनों के लिए 15% तक का शुल्क लगाने का अधिकार देती है, जिसके बाद उन्हें कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। 10% का शुल्क 24 फरवरी से लागू होगा, जब ट्रंप से भारत पर टैरिफ दर के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने कहा कि यह पहले से तय समझौते के अनुसार 18% पर ही रहेगी।

भारतीय वस्तुओं पर कितना टैरिफ लगता है?

हालांकि, व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि कानूनी तौर पर भारत पर फिलहाल 10% टैरिफ लगाया जाएगा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, "अमेरिका के साथ व्यापार समझौते वाले सभी देशों पर अब अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लागू होगा।"

इस प्रकार, तकनीकी रूप से भारत के लिए प्रभावी टैरिफ अब 3.5% होना चाहिए, जिसमें ट्रंप द्वारा धारा 122 के तहत लगाया गया 10% भी शामिल है, जिससे कुल शुल्क 13.5% हो जाता है। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं आई है। हालांकि, व्हाइट हाउस की एक फैक्ट शीट के अनुसार, स्टील और एल्युमीनियम पर धारा 232 के तहत 50% और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25% का टैरिफ लागू रहेगा। इस मुद्दे पर स्पष्टता प्राप्त करने के लिए भारतीय सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह वाशिंगटन डीसी का दौरा करने वाला है।

फिलहाल, कम टैरिफ दर भारतीय निर्यातकों, विशेषकर कपड़ा और रत्न जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए राहत की बात होगी। कम से कम अगले 150 दिनों के लिए तो यह राहत बनी रहेगी। अमेरिका भारतीय वस्तुओं का सबसे बड़ा बाजार है।

व्यापार समझौते के कायम रहने पर 18% टैरिफ

अमेरिका में सूत्रों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन वर्तमान में भारत के साथ मूल रूप से बातचीत करके तय की गई 18% की दर को फिर से लागू करने के लिए नए कानूनी रास्ते तलाश रहा है। शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार समझौते के अनुसार तय किए गए 18% टैरिफ का भुगतान करना जारी रखेगा। ट्रंप ने कहा, "कुछ नहीं बदलेगा; वे टैरिफ का भुगतान करेंगे, और हम टैरिफ का भुगतान नहीं करेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक महान सज्जन और महान व्यक्ति हैं… भारत हमारा शोषण कर रहा था। इसलिए हमने भारत के साथ एक समझौता किया, जो अब एक उचित समझौता है।" इसलिए, यदि व्यापार समझौता बरकरार रहता है और आगे कोई बातचीत नहीं होती है, तो भारतीय निर्यात पर 18% कर लगेगा। हालांकि, अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का फैसला अंतिम बातचीत में एक महत्वपूर्ण कारक होगा, जिससे भारत को रियायतें हासिल करने के लिए कड़ी सौदेबाजी करने का अवसर मिलेगा।

Yas Pal

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