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AI इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का हंगामा, टीशर्ट उतारकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में देश और दुनिया के कई शीर्ष सीईओ ने तकनीकी प्रगति और क्रांतिकारी बदलावों पर अपनी राय साझा की। लेकिन इस दौरान कुछ नाराज प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार फ्रेमवर्क समझौते के विरोध में अपनी नाराजगी जताई और कमीजें उतार दीं, जिससे समिट का माहौल थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।

विरोध प्रदर्शन का विवरण

समिट के आयोजक स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने बाहर से नारेबाजी की आवाज सुनी। जब उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो देखा कि कुछ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध के रूप में अपनी कमीजें उतारकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते से भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है और इसे लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध करना जरूरी है। उनका विरोध मुख्य रूप से नए व्यापार ढांचे पर केंद्रित था, जिसे विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले भी आलोचना का विषय बनाया था।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

विरोध प्रदर्शन के तुरंत बाद, भाजपा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस इस तरह के विरोध प्रदर्शन के माध्यम से केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने इसे भारत की विकास यात्रा और वैश्विक मंच पर भारत की उपलब्धियों के प्रति विपक्ष की जलन बताया।

यहां देखें वीडियो- https://twitter.com/newsindia24x7_/status/2024766114174316607

भाजपा के नेताओं ने जोर देकर कहा कि एआई समिट और तकनीकी प्रगति को बाधित करने का प्रयास केवल राजनीतिक विरोध का नतीजा था और इसमें किसी प्रकार की वैध आपत्ति नहीं थी। पार्टी ने इसे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के सफल क्रियान्वयन में बाधा डालने का प्रयास बताया।

व्यापार समझौते और विपक्ष का आरोप

कांग्रेस ने शुरू से ही यह आरोप लगाया है कि भारत को अमेरिका के साथ नए व्यापार ढांचे से पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। विपक्ष का कहना है कि समझौते में भारत के हितों की अनदेखी की गई है और इसमें पारदर्शिता की कमी है। प्रदर्शनकारियों का यह विरोध इसी असंतोष का प्रतीक था, जिसे यूथ कांग्रेस ने जोर-शोर से दिखाया।

समिट पर प्रभाव

हालांकि, विरोध प्रदर्शन कुछ समय के लिए हलचल पैदा कर गया, लेकिन समिट की मुख्य बैठकों और पैनल चर्चाओं पर इसका गंभीर असर नहीं पड़ा। आयोजकों ने तुरंत सुरक्षा बढ़ाई और कार्यक्रम को सामान्य रूप से जारी रखा।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत के वैश्विक मंच पर उठाए गए कदमों पर राजनीतिक मतभेद और विरोध जताने की संभावनाएं बनी रहती हैं, लेकिन तकनीकी और विकास संबंधी एजेंडों को किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

Yas Pal

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