Sarita Bhadauria Viral Video: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इटावा सदर से भाजपा विधायक सरिता भदौरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सपा नेताओं का आरोप है कि एक मांग पत्र को लेकर हुई मुलाकात के दौरान विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वहीं भाजपा विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो को अधूरा और भ्रामक बताया है।
परशुराम प्रतिमा की मांग को लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्र में भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग को लेकर विधायक से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उनसे समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया गया। इसी मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
सपा नेताओं ने लगाए अभद्र व्यवहार के आरोप
समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पार्टी नेताओं ने इस मामले को जनप्रतिनिधि के आचरण से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। सपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर भाजपा विधायक की आलोचना की और पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।
विधायक सरिता भदौरिया ने दी सफाई
वहीं भाजपा विधायक सरिता भदौरिया ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो पूरी घटना को नहीं दिखाता और केवल एक हिस्से को साझा कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना पूर्व सूचना के उनके पास पहुंचे और दबाव बनाकर दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास कर रहे थे। विधायक के अनुसार, उनके वाहन को भी घेरा गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक पक्ष विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पूरे वीडियो को सार्वजनिक करने की बात कह रहा है ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
इटावा का यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। एक ओर सपा कार्यकर्ता भाजपा विधायक पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विधायक इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बता रही हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
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