National Flag Adoption Day
National Flag Adoption Day: हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस (National Flag Adoption Day) मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज ही के दिन साल 1947 में भारतीय संविधान सभा ने तिरंगे को सरकारी तौर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज घोषित किया था। यह हमारे देश के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।
तिरंगे को आज के रूप में बनने में कई बदलावों से गुजरना पड़ा। पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त 1906 को कोलकाता में फहराया गया था, जिसमें लाल, पीला और हरा रंग था।
इसके बाद कई डिजाइन आए, लेकिन 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में मौजूदा तिरंगे को मंजूरी मिली और 15 अगस्त 1947 को पहली बार इसे स्वतंत्र भारत में फहराया गया।
•केसरिया (ऊपर): यह साहस और बलिदान का प्रतीक है।
•सफेद (बीच में): यह शांति और सच्चाई को दर्शाता है।
•हरा (नीचे): यह समृद्धि, और प्रकृति का संकेत है।
•अशोक चक्र: यह 24 तीलियों वाला नीले रंग का चक्र है, जो न्याय और गति का प्रतीक है।
2002 से पहले, आम लोग तिरंगा केवल खास राष्ट्रीय पर्वों पर ही फहरा सकते थे। लेकिन एक कानूनी विनती के बाद 26 जनवरी 2002 को झंडा विधान में बदलाव हुआ और अब कोई भी नागरिक तिरंगे को अपने घर, दफ्तर या फैक्टरी में फहरा सकता है।
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•तिरंगा फहराते समय खड़े रहना चाहिए।
•जब झंडा आड़ा हो तो केसरिया रंग ऊपर होना चाहिए।
•जब झंडा लंबा हो, तब केसरिया रंग दाई तरफ होना चाहिए।
•झंडा फहराते समय तेजी से ऊपर उठाएं और उतारते समय धीरे-धीरे नीचे लाएं।
तिरंगा केवल एक झंडा नहीं है, यह हमारी देशभक्ति, एकता और सम्मान का प्रतीक है। यह हमें भारत के संघर्ष, संस्कृति और महान परंपरा की याद दिलाता है। इस दिन हम सभी को गर्व से तिरंगे को सलाम करना चाहिए। 22 जुलाई सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह उस दिन की याद है जब भारत ने अपनी पहचान का प्रतीक तिरंगे को अपनाया।
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