Abhijeet Dipke Mother Reaction: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके के घर भावुक माहौल देखने को मिला। बेटे के लंबे संघर्ष के बाद मां की आंखों में खुशी और भावनाओं के आंसू छलक पड़े।
मां ने कहा- बेटे का संघर्ष व्यर्थ नहीं गया
अभिजीत दीपके की मां ने कहा कि यह केवल उनके बेटे की व्यक्तिगत लड़ाई की जीत नहीं है, बल्कि देशभर के उन लाखों छात्रों और अभिभावकों की जीत है, जो NEET-UG परीक्षा में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उन्हें हर रात बेटे की चिंता रहती थी। कई बार हालात को लेकर डर भी लगता था, लेकिन अभिजीत ने छात्रों की आवाज उठाने का फैसला किया और अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटा।
छात्रों के आंदोलन को बताया ऐतिहासिक
अभिजीत की मां ने कहा कि पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही थी। उनका मानना है कि इस आंदोलन ने यह साबित किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके माता-पिता ने जिस धैर्य और संयम के साथ अपनी मांगों को रखा, उसका परिणाम अब सामने आया है।
इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच यह घटना एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है। अभिजीत के परिवार ने इसे छात्रों के संघर्ष की सफलता के रूप में देखा है। वहीं, इस पूरे मामले ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस भी शुरू कर दी है।
NEET-UG विवाद के बीच अभिजीत दीपके और छात्रों के आंदोलन को लेकर उनके परिवार की प्रतिक्रिया ने इस संघर्ष के मानवीय पहलू को सामने रखा है। अभिजीत की मां के लिए यह केवल राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि बेटे की मेहनत और छात्रों की आवाज को मिली पहचान का पल है।
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