Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक पार्टी कार्यालय पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अमतला स्थित इस कार्यालय को कथित तौर पर निर्माण नियमों के उल्लंघन के आरोप में बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर यह भवन बना था, वह 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के नाम दर्ज है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण को लेकर पहले दो बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
भारी सुरक्षा के बीच चला बुलडोजर
प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से भवन को गिराया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर लोगों में काफी चर्चा रही। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का आधार केवल निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला जवाब
जिला प्रशासन के मुताबिक, संबंधित पक्ष को दो बार नोटिस भेजकर निर्माण से जुड़े दस्तावेज और आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने के कारण नियमानुसार आगे की कार्रवाई की गई। प्रशासन का यह भी कहना है कि अवैध निर्माण के मामलों में सभी के लिए एक समान नियम लागू होते हैं और उसी के तहत यह कदम उठाया गया।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
चूंकि यह कार्यालय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा सकता है, जबकि टीएमसी की ओर से इस कार्रवाई पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, उस पर भी सबकी नजर बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन ने इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
दक्षिण 24 परगना के अमतला में टीएमसी के पार्टी कार्यालय पर हुई बुलडोजर कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम निर्माण नियमों के उल्लंघन और नोटिस का जवाब नहीं मिलने के कारण उठाया गया। अब इस मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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