AC का कंप्रेसर पुराना होने पर कमजोर पड़ सकता है और ज्यादा गर्म होने लगता है। गलत रेफ्रिजरेंट, जरूरत से ज्यादा गैस, खराब वायरिंग, ढीले प्लग और सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड शॉर्ट सर्किट और हादसों का कारण बन सकते हैं। सेकेंड हैंड AC में ऐसी छिपी खराबियां ज्यादा देखने को मिलती हैं।
जाम फिल्टर और गंदे कूलिंग कॉइल के कारण मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे कंप्रेसर तेजी से गर्म होता है। पुराने AC में कॉपर कॉइल पर दरारें या जले हुए निशान भी खतरे का संकेत हो सकते हैं। लंबे समय तक लगातार AC चलाने से ओवरहीटिंग का जोखिम बढ़ जाता है।
जलने जैसी बदबू, तेज आवाज, भनभनाहट, बार-बार MCB ट्रिप होना, स्पार्क दिखना, AC बॉडी का ज्यादा गर्म होना, गैस की गंध, इलेक्ट्रिकल हिस्सों के पास पानी जमा होना या अचानक कूलिंग कम होना बड़ी खराबी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में AC बंद कर तुरंत विशेषज्ञ की मदद लें।
गर्मियों से पहले AC की सर्विसिंग करवाएं और फिल्टर, कॉइल व आउटडोर यूनिट की नियमित सफाई करें। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होने पर स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें। गैस रिफिल और मरम्मत हमेशा प्रशिक्षित तकनीशियन से ही करवाएं। फिल्टर हर महीने साफ करें और AC को लगातार 15-20 घंटे तक चलाने से बचें। नियमित देखभाल, सुरक्षित वायरिंग और सही इंस्टॉलेशन ही AC को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
ये भी पढ़े: SPF 30 या 50? जानें आपकी स्किन के लिए कौन-सा सनस्क्रीन है सबसे बेहतर
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…
Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…
AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…