ADR Report: भारत में जहां बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन बिता रही है, वहीं देश के कई शीर्ष नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मौजूदा मुख्यमंत्रियों की आर्थिक और आपराधिक स्थिति को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) की ताजा रिपोर्ट सामने आई है। यह विश्लेषण सभी 31 मौजूदा मुख्यमंत्रियों द्वारा पिछले चुनावों के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामों पर आधारित है।
14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले
रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 14 यानी 45% मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है। इनमें 11 मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन आरोपों में हत्या के प्रयास (IPC की धारा 307), रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी जैसे मामले शामिल हैं। वहीं, दो मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की जानकारी दी है।
₹3,660 करोड़ की कुल संपत्ति
सभी 31 मुख्यमंत्रियों की घोषित कुल संपत्ति ₹3,660 करोड़ है। यानी एक मुख्यमंत्री की औसत संपत्ति ₹118.07 करोड़ बैठती है। रिपोर्ट के मुताबिक, चार यानी 13% मुख्यमंत्रियों की संपत्ति ₹100 करोड़ से अधिक है। वहीं, 31 मुख्यमंत्रियों की कुल वार्षिक आय ₹203 करोड़ और औसत व्यक्तिगत आय ₹6.54 करोड़ दर्ज की गई है।
ADR का काम क्या है?
ADR चुनावी सुधारों के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था है। इसका उद्देश्य चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारियां जनता के सामने रखना है, ताकि मतदाता सही जानकारी के आधार पर सोच-समझकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
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