US Israel Iran conflict: ईरान को लेकर बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत ने इजराइल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक अहम सुरक्षा परामर्श जारी किया है। यह कदम अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर कथित हमलों की खबरों के बाद मध्य पूर्व में हालात और संवेदनशील हो गए हैं। भारतीय अधिकारियों ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और स्थानीय निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी अपने परामर्श में भारतीय नागरिकों को सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए और केवल आवश्यक होने पर ही बाहर निकलना चाहिए। साथ ही, उन्हें अपने घर या कार्यस्थल के निकट स्थित सुरक्षित स्थानों और आश्रय स्थलों की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।
दूतावास ने यह भी कहा कि नागरिक स्थानीय प्रशासन और गृह मोर्चा कमान द्वारा जारी निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करें। संभावित आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को निर्धारित शेल्टर के पास रहने और अलर्ट संदेशों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की सलाह दी गई है।
भारतीय मिशन ने जरूरतमंद नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली आपातकालीन हेल्पलाइन भी सक्रिय कर दी है। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि वह इज़राइली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। नागरिकों से कहा गया है कि वे स्थानीय समाचार, आधिकारिक घोषणाओं और आपातकालीन चेतावनियों पर लगातार ध्यान दें।
यह सुरक्षा परामर्श ऐसे समय में जारी किया गया है जब इजराइल ने ईरान के खिलाफ एक पूर्व-नियोजित सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है। इस घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण हालात को और जटिल बना दिया है। इज़राइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य देश के सामने मौजूद खतरों को समाप्त करना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने संकेत दिया है कि ईरान को निशाना बनाकर अमेरिकी हमले भी जारी हैं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संघर्ष की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के हवाले से बताया है कि हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को तेहरान से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। हालांकि, इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इससे क्षेत्रीय अस्थिरता की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जून महीने में इज़राइल और ईरान के बीच 12 दिनों तक हवाई हमलों का दौर चला था। इसके अलावा, तेहरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अमेरिका और इज़राइल पहले ही कड़ी चेतावनियां दे चुके हैं। मौजूदा घटनाक्रम उसी पृष्ठभूमि का विस्तार माना जा रहा है।
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