नई दिल्ली: AIIMS दिल्ली ने 15 वर्षीय तानवी की इलाज के दौरान हुई मौत की परिस्थितियों और उसे दिए गए उपचार की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की है। तानवी को दो साल की उम्र से VSD और पल्मोनरी एट्रेसिया जैसी गंभीर जन्मजात हृदय बीमारी थी। 24 अगस्त 2026 को उसे AIIMS में संभावित हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट के मूल्यांकन के लिए भर्ती किया गया था। 1 सितंबर को सुबह करीब 5:06 बजे उसकी मौत हो गई।
2012 में हुआ था बीमारी का पता
तानवी पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को AIIMS पहुंची थी। 31 जनवरी 2014 के AIIMS अनुमान प्रमाणपत्र में VSD और पल्मोनरी एट्रेसिया दर्ज था और ‘यूनिफोकलाइजेशन एंड कंड्यूट’ सर्जरी की अनुमानित लागत 1.25 लाख रुपये बताई गई थी। दस्तावेज में चार ब्लड डोनर की जरूरत भी लिखी थी। पिता मुकेश परियानी का आरोप है कि 2015 में सर्जरी की तारीख पहले 2 सितंबर और फिर 16 नवंबर तय हुई, लेकिन ऑपरेशन नहीं हुआ। उन्होंने एक इम्प्लांट/दवा कंपनी के प्रतिनिधि को 30 हजार रुपये देने का भी दावा किया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने 2016 में शिकायत की और जून 2025 में फिर सर्जरी का मुद्दा उठाया। इस साल फरवरी में PMO से भी संपर्क किया गया।
AIIMS का क्या कहना है?
AIIMS के मुताबिक 2013 में CT एंजियोग्राफी, एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथेटराइजेशन जैसी जांचों के बाद 2017 में पाया गया कि जटिल हृदय संरचना के कारण करेक्टिव सर्जरी संभव नहीं थी। 2018 के आकलन में फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख रक्त वाहिकाओं के अभाव की बात सामने आई। डॉक्टरों ने माना कि अनुपयुक्त एनाटॉमी में सर्जरी जानलेवा हो सकती थी। इसके बाद मेडिकल मैनेजमेंट और नियमित फॉलोअप की सलाह दी गई। पिछले साल विभागाध्यक्ष समेत वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जनों से राय लेने पर भी सर्जरी के बजाय मेडिकल मैनेजमेंट जारी रखने को कहा गया। हालांकि, AIIMS के 2014 के दस्तावेज में प्रस्तावित सर्जरी बाद में क्यों नहीं हुई, इस पर अस्पताल ने विस्तृत जवाब नहीं दिया।
आखिरी घंटों में बिगड़ी हालत
31 अगस्त की रात एंडोस्कोपी के बाद हालत बिगड़ने का पिता ने दावा किया है। AIIMS के अनुसार 1 सितंबर को करीब 2:50 बजे तानवी को अचानक कमजोरी हुई और गंभीर सायनोसिस के कारण ऑक्सीजन सैचुरेशन करीब 48% रह गया। करीब 3:30 बजे ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, लेकिन हाइपोक्सिक स्पेल के बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ। कोशिशों के बावजूद सुबह 5:06 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवार ने मौत की संतोषजनक वजह न बताए जाने, दस्तावेज मांगने और डिस्चार्ज के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने अभी शव भी नहीं लिया है और जवाब की मांग कर रहा है।
पोस्टमार्टम और कमेटी की जांच
AIIMS के अनुसार पोस्टमार्टम चल रहा है। डायरेक्टर द्वारा गठित कमेटी तानवी के पूरे मेडिकल रिकॉर्ड, जांच, इलाज, विशेषज्ञों की राय और मौत से पहले की घटनाओं की समीक्षा करेगी। अस्पताल ने कहा है कि कमेटी की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के आधार पर उचित कार्रवाई होगी। जांच पूरी होने तक AIIMS ने मौत की परिस्थितियों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
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