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‘आजादी का मतलब मनमर्जी नहीं’, लोकमान्य तिलक पुरस्कार के बाद अजित डोभाल का Gen-Z को मैसेज!

by | Aug 1, 2026 | News Top

Ajit Doval Lokmanya Tilak National Award 2026: महाराष्ट्र के पुणे में शनिवार को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) प्रमुख अजित डोभाल को 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। सम्मान स्वरूप डोभाल को पारंपरिक पुणेरी पगड़ी, स्मृति चिह्न, चेक और गीता रहस्य की प्रति भेंट की गई।

पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सराहना

सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश सौभाग्यशाली है कि उसे ऐसा मजबूत नेतृत्व मिला है, जो आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है। डोभाल ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और यही वजह है कि कई विरोधी ताकतें उसकी प्रगति से असहज हैं। ऐसे समय में हर नागरिक का पहला दायित्व राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होना चाहिए।

युवाओं को बताया आजादी का सही अर्थ

डोभाल ने युवाओं से कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वतंत्रता को मनमर्जी करने की छूट मान लेते हैं, जबकि यह सोच गलत है। उनके अनुसार, कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो राष्ट्रहित के खिलाफ हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लोकमान्य तिलक से प्रेरणा लेने की अपील

अपने संबोधन में अजित डोभाल ने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि शुरुआती शिक्षा के दौरान पुणे में ही उन्हें लोकमान्य तिलक के विचारों को गहराई से जानने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में जब अधिकांश लोग भय के कारण चुप रहते थे, तब तिलक ने निर्भीक होकर अपनी आवाज उठाई। जेल जाने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। डोभाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तिलक के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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