उत्तराखंड

हिमाचल-उत्तराखंड में अलर्ट, पंजाब-पहाड़ी राज्यों में बिगड़े हालात

Heavy Rain : उत्तर भारत में मानसून ने इस समय कहर बरपा रखा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में घर जमींदोज हो चुके हैं, तो सड़कों और पुलों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। पंजाब के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है, वहीं राजधानी दिल्ली समेत NCR में लगातार बारिश से जलभराव और जाम की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपनी सितंबर 2025 की मासिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस महीने देशभर में औसत से ज्यादा बारिश होगी। अनुमान है कि इस दौरान लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का 109% से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट और शिक्षण संस्थान बंद

हिमाचल में भारी तबाही देखने को मिल रही है। अब तक राज्य को 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। हमीरपुर जिले में लगातार मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट के बाद प्रशासन ने सोमवार को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया। कई ग्रामीण मार्ग भूस्खलन और जलभराव (Heavy Rain) के कारण बंद हैं, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

उत्तराखंड में दो मौतें, कई जिलों में रेड अलर्ट

उत्तराखंड में रविवार को तेज बारिश से दो लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2 सितंबर के लिए देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। हालात को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में 130 से अधिक मौतें, स्कूल बंद

जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तेज बारिश के चलते सोमवार को सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। 14 अगस्त से अब तक बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं में 130 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बार-बार भूस्खलन से बाधित हो रहा है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और NHAI की मशीनरी लगातार सड़क को खोलने के काम में जुटी हुई है।

पंजाब की नदियों में उफान, कई गांव बाढ़ की चपेट में

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश का असर पंजाब पर भी पड़ा है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ने से पठानकोट, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर और होशियारपुर के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, सेना, BSF और पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश और मंगलवार को कुछ जिलों में भारी वर्षा का अनुमान जताया है।

ये भी पढ़े –  Rain Alert : दिल्ली-NCR में आज रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अलर्ट, येलो-ऑरेंज चेतावनी जारी

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और पंजाब में हालात गंभीर बने हुए हैं। भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हजारों लोग प्रभावित हैं। आने वाले दिनों में बारिश और तेज हो सकती है, ऐसे में राज्य सरकारें और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार अलर्ट पर हैं।

Shweta Gupta

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