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अलवर में जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी पर फूटा गुस्सा, छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल पर लगाया ताला

Alwar Government School Protest: राजस्थान के अलवर जिले के जोधवास गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को खुलकर सामने आ गया। स्कूल भवन की जर्जर हालत और शिक्षकों की भारी कमी से नाराज लोगों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से छात्रों और अभिभावकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

174 छात्रों के लिए केवल तीन कक्षाएं

ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में करीब 174 छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके लिए केवल तीन कक्षाएं उपलब्ध हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई कमरों की छत से पानी टपकता है। ऐसे माहौल में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा का अधिकार है, लेकिन वर्तमान हालात में स्कूल की व्यवस्था इस जिम्मेदारी को पूरा करती नहीं दिख रही।

छत का स्लैब गिरने से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में स्कूल भवन की एक छत का स्लैब टूटकर गिर गया। हालांकि घटना के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने स्कूल भवन की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

शिक्षकों के कई पद खाली

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में वरिष्ठ अध्यापकों के छह स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से पांच पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को देखते हुए कुछ शिक्षकों की अस्थायी तैनाती की गई है और भवन संबंधी प्रस्ताव भी उच्च स्तर पर भेजा गया है।

समाधान की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, खाली पदों पर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और छात्रों के लिए पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।

अलवर के जोधवास स्कूल का मामला ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाता है। जर्जर भवन, शिक्षकों की कमी और संसाधनों के अभाव जैसी समस्याएं छात्रों के भविष्य पर असर डाल रही हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी है।

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