135वीं जयंती पर याद आए आंबेडकर
Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar Jayantee: देशभर में आज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस खास मौके पर देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेताओं तक हर किसी ने अपने-अपने अंदाज़ में बाबासाहेब के विचारों को याद किया, लेकिन संदेशों में राजनीतिक रंग भी साफ दिखाई दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाबा साहेब को याद करते हुए उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता और महान समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि बाबासाहेब ने न सिर्फ सामाजिक असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को भी मजबूत किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में बाबा साहेब का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन और उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों को एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज बनाने की प्रेरणा देते हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान में राजनीतिक तेवर नजर आए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश को केवल संविधान ही नहीं दिया, बल्कि समानता और न्याय पर आधारित भारत का सपना भी दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आज कुछ शक्तियां इस विरासत को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर खतरे और अधिकारों के हनन की बात करते हुए कहा कि वे बाबासाहेब के विचारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को ऐसा संविधान दिया, जो हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. आंबेडकर ने देश की एकता और अखंडता के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया था। शाह ने उनके जीवन से शिक्षा और संगठन की प्रेरणा लेने की बात कही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक समता और न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद डॉ. आंबेडकर ने जो उपलब्धियां हासिल कीं, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। संसद परिसर स्थित बीआर आंबेडकर प्रेरणा स्थल पर भी कई नेताओं ने एकजुट होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपराष्ट्रपति और विभिन्न दलों के सांसद मौजूद रहे।
बाबा साहेब की जयंती पर एक बार फिर देश ने उनके योगदान को याद किया, लेकिन साथ ही यह भी साफ हो गया कि उनके विचार आज भी भारतीय राजनीति के केंद्र में हैं जहां श्रद्धा के साथ-साथ विचारों की लड़ाई भी जारी है।
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