YouTuber Ravana Arrest: आंध्र प्रदेश में यूट्यूबर रावण को 30 जून से अब तक पांचवीं बार गिरफ्तार किया गया है। पिछले कुछ दिनों में हर बार एक मामले में जमानत मिलने के तुरंत बाद उन्हें दूसरे मामले में दोबारा हिरासत में लिया गया।
लगातार होती रहीं गिरफ्तारियां
सबसे पहले पीठापुरम पुलिस ने रावण को गिरफ्तार किया। वहां से जमानत मिलने के बाद सरपवरम पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद इनागुदुरु और फिर पायकारावपेटा पुलिस ने अलग-अलग मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया। 4 जुलाई की शाम पायकारावपेटा मामले में जमानत मिलने के बाद जब वह घर लौट रहे थे, तभी वेम्पाडु टोल गेट पर पुलिस ने उनका वाहन रोककर उन्हें एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया।
इस बार पुलिस ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए दंड) और धारा 39 (आतंकी संगठन को समर्थन देने से संबंधित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, इन धाराओं के तहत लगाए गए आरोपों का विस्तृत आधार अभी पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किया है। बताया जा रहा है कि रावण के खिलाफ दर्ज अधिकांश मामले आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण पर की गई कथित विवादित टिप्पणियों से जुड़े हैं।
YSRCP ने सरकार पर साधा निशाना
रावण की पांचवीं गिरफ्तारी के बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की आलोचना की। पार्टी ने दो वर्ष पुराने सुगाली प्रीति मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यदि सरकार ने उस मामले में भी इतनी सक्रियता दिखाई होती, तो आरोपियों को अब तक सजा मिल चुकी होती। YSRCP का दावा है कि सरकार की लापरवाही के कारण आरोपी अब भी खुले घूम रहे हैं और सुगाली प्रीति की मां पार्वती ने भी पवन कल्याण के प्रति नाराजगी जताई है। फिलहाल मामला कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक विवाद का भी रूप ले चुका है।
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