Tuesday, Sep 01

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अंकित बालियान हत्याकांड: सुमित का एनकाउंटर, छोटे बेटे पर थर्ड डिग्री का आरोप; पिता बोले- अब मैं बेहद मजबूर हूं

Ankit Baliyan Murder Case: हरियाणा के सोनीपत में अंकित बालियान हत्याकांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए सुमित के परिवार ने पहली बार मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। सुमित के पिता धर्मपाल ने बेटे के अपराध की दुनिया में जाने की कहानी बताने के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बेटे ने जो किया, उसका परिणाम उसे भुगतना पड़ा, लेकिन पुलिस ने उनके छोटे बेटे यशपाल के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया।

मोहित के संपर्क में आने के बाद बदली जिंदगी

धर्मपाल के मुताबिक, सुमित 12वीं की एक परीक्षा में फेल हो गया था। इसके बाद वह पिता के साथ मजदूरी करने लगा था। परिवार का दावा है कि करीब ढाई महीने पहले सोनीपत में हुए ट्रिपल मर्डर के बाद सुमित मोहित के संपर्क में आया। इसके बाद मोहित का घर पर आना-जाना शुरू हो गया। परिवार सुमित को उससे दूर रहने के लिए लगातार समझाता रहा, लेकिन दोनों का संपर्क बना रहा।

पिता ने बताया कि 26 अगस्त को सुमित के पास फोन आया था। मोहित ने उसे फोन पर बात नहीं करने दी और परिवार को केवल इतना बताया कि सुमित चला गया है। वह कहां गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई। धर्मपाल का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि सुमित अपराध में पैसे के लालच में गया था या किसी दबाव में। घर से निकलते समय वह कपड़े लेकर गया था और कपड़े बदलकर निकला था।

एनकाउंटर से पहले आश्वासन का दावा

धर्मपाल ने आरोप लगाया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें और उनके छोटे बेटे यशपाल को अपने साथ ले गई थी और देर रात घर छोड़कर चली गई। उनके मुताबिक, पुलिस ने भरोसा दिया था कि सुमित का एनकाउंटर नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद बाद में उसका एनकाउंटर हो गया। इसी को लेकर वह पुलिस से सवाल कर रहे हैं। धर्मपाल ने यह भी कहा कि उन्हें बेटे के एनकाउंटर का दुख नहीं है, क्योंकि उसने जो किया, उसकी सजा उसे मिल गई।

छोटे बेटे को थर्ड डिग्री देने का आरोप

धर्मपाल की सबसे बड़ी चिंता अब उनके छोटे बेटे यशपाल को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने यशपाल को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, जबकि उसका सुमित के अपराध से कोई संबंध नहीं था। उनके मुताबिक, यशपाल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है और वाई-फाई लगाने का काम करता है। धर्मपाल ने खुद को बेहद गरीब बताते हुए कहा कि मजदूरी और बच्चों की कमाई से परिवार चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बेटे को उसके किए की सजा मिल गई, लेकिन छोटे बेटे के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यशपाल जल्द ठीक नहीं हुआ तो वह आत्महत्या कर लेंगे। भावुक होकर उन्होंने कहा कि पुलिस ने सुमित का एनकाउंटर किया, लेकिन छोटे बेटे के ठीक न होने पर वह खुद अपना “एनकाउंटर” कर लेंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि संविधान में किस सिद्धांत के तहत किसी नाबालिग के साथ पुलिस ऐसा व्यवहार कर सकती है।

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