Antibiotics Side Effects: खांसी-जुकाम होने पर कई लोग जल्दी राहत पाने के लिए एंटीबायोटिक्स लेने लगते हैं। लेकिन इन दवाओं का असर आंतों की सेहत पर भी पड़ सकता है। एंटीबायोटिक्स नुकसानदायक बैक्टीरिया के साथ आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को भी प्रभावित कर सकती हैं। इससे पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
दस्त या लूज मोशन
एंटीबायोटिक्स लेने के बाद कुछ लोगों को दस्त की समस्या हो सकती है। ऐसा आंतों में मौजूद बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव के कारण हो सकता है। अगर दस्त लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लें।
गैस और पेट फूलना
आंतों के बैक्टीरिया पाचन में अहम भूमिका निभाते हैं। एंटीबायोटिक्स के कारण इनके संतुलन में बदलाव होने से गैस, पेट फूलने और भारीपन की परेशानी हो सकती है।
कब्ज या बार-बार शौच जाना
कुछ लोगों को एंटीबायोटिक्स लेने के बाद कब्ज हो सकती है, जबकि कुछ को बार-बार शौच जाना पड़ सकता है। अगर शौच की आदतों में बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें।
पेट में ऐंठन और बेचैनी
आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से पेट में ऐंठन, दर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है। तेज या लगातार पेट दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
दवा बंद होने के बाद भी परेशानी
कुछ लोगों को एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा होने के बाद भी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन सामान्य होने में समय लग सकता है। परेशानी लंबे समय तक रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
एंटीबायोटिक्स लेते समय बरतें सावधानी
एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें। सर्दी-जुकाम जैसे वायरल संक्रमणों में ये दवाएं काम नहीं करतीं। बिना जरूरत इनके इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है।
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