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69 साल के NEET अभ्यर्थी ने MBBS में सीनियर सिटिजंस के लिए 1% आरक्षण की मांग, HC पहुंचे

Senior Citizen NEET Reservation: 69 वर्षीय अशोक बहार, जो NEET UG 2026 के सबसे उम्रदराज अभ्यर्थियों में शामिल हैं, ने मेडिकल शिक्षा में योग्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1% आरक्षण या विशेष कोटा की मांग को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि जब दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व सैनिक और खिलाड़ियों को विशेष कोटा मिलता है, तो सीनियर सिटिजंस को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने अदालत से सरकार को इस संबंध में नीति बनाने का निर्देश देने की मांग की है।

52 साल पुराना डॉक्टर बनने का सपना

अशोक बहार के वकील पंकज धीर सिंह राणा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहले ही NEET-UG की आयु सीमा हटा चुका है, इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को मेडिकल सीट पाने के साथ आरक्षण का अधिकार भी मिलना चाहिए। अशोक ने पहली बार 1974 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हुए। 2023 में परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण समय पर नहीं पहुंच सके और इस वर्ष मई में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी। उनके पिता लखनऊ के प्रतिष्ठित डॉक्टर थे और मां सावित्री देवी उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहती थीं। 1990 में मां के निधन के बाद यह सपना अधूरा रह गया, जिसे उनकी पत्नी डॉ. मंजू बहार ने फिर से जीवित किया। उनके परिवार में करीब 20 डॉक्टर हैं, जिनमें कई विदेशों में कार्यरत हैं।

मजबूत शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि

अशोक बहार ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बॉटनी, जूलॉजी और केमिस्ट्री में B.Sc, कंप्यूटर एप्लीकेशन में पीजी डिप्लोमा, एलएलबी और MBA किया है। वे इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड में यूपी-उत्तराखंड के मार्केटिंग हेड रहे, VRS के बाद विदेश मंत्रालय में कंसल्टेंट बने और वर्तमान में हाईकोर्ट के वकील हैं।

अशोक बहार का मानना है कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती और बुजुर्गों को अपने अधूरे सपने पूरे करने का अवसर मिलना चाहिए। अब इस मामले में 21 जुलाई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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