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असम में बाढ़ का कहर, 3.62 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; 10 की मौत, रेल सेवाएं भी बाधित

Assam Floods: असम के कई जिलों में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है। राज्य में 3.62 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालात से निपटने के लिए सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और जिला प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां करीब 1.58 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। यहां दिखौ नदी का जलस्तर 'एक्सट्रीम फ्लड लेवल' से ऊपर बह रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की है।

101 राहत शिविरों में 9,606 लोग

बिस्वनाथ, कछार, चराइदेव, चिरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी समेत 15 जिलों में लोग प्रभावित हैं। राहत के लिए 11 जिलों में 101 शिविर बनाए गए हैं, जहां 9,606 विस्थापित रह रहे हैं। इस साल बाढ़ में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चराइदेव और कार्बी आंगलोंग में दो लोग लापता हैं।

रेल सेवाएं प्रभावित, स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

बाढ़ के कारण सिमालुगुड़ी क्षेत्र में जलभराव से नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे ने सिमालुगुड़ी-नामटियाली और सिमालुगुड़ी-सेलेंघाट रेलखंड पर ट्रेन संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए NFR ने शुक्रवार तक अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। मरियानी-गुवाहाटी के बीच कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का नियमित संचालन जारी रहेगा।

मंत्रियों को प्रभावित जिलों में भेजा गया

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी के लिए कैबिनेट मंत्रियों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। सांसदों और विधायकों को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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