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छोटे हथियारों की फैक्ट्रियों की बदहाली पर संसद की चिंता, 600 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

by | Aug 13, 2026 | देश

AWEIL Small Arms Factories: देश में छोटे हथियारों के उत्पादन से जुड़ी सरकारी फैक्ट्रियों की स्थिति को लेकर संसद की स्थायी समिति ने चिंता जताई है। रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) की इन फैक्ट्रियों को पिछले वर्षों में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 से 2019-20 के बीच सेना की कुल खरीद में इन फैक्ट्रियों की हिस्सेदारी सिर्फ 10% रही। उन्हें मुख्य रूप से गृह मंत्रालय के ऑर्डर पर निर्भर रहना पड़ा, जो पूरी उत्पादन क्षमता के लिए पर्याप्त नहीं थे। समिति ने रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस बलों के साथ लंबी अवधि की डिमांड प्लानिंग की सिफारिश की है।

600 करोड़ से ज्यादा का घाटा

2015-20 के दौरान तीन फैक्ट्रियों को 12 प्रमुख छोटे हथियारों के उत्पादन में 366 करोड़ रुपये का संचयी नुकसान हुआ। वहीं AWEIL के गठन के बाद वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 234 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ। समिति के अनुसार उत्पादन लागत अधिक है, जबकि बिक्री कीमत कम है। लागत घटाने के लिए निजी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा और नागरिक बाजार में स्पोर्ट्स व शिकार राइफल तथा गैर-घातक उपकरण बनाने का सुझाव दिया गया है।

हथियारों की गुणवत्ता पर भी सवाल

फाइनल जांच में हथियारों में बैरल बोर में चिप-ऑफ, कम फायरिंग गति और ब्रीच-ब्लॉक की तकनीकी खामियां मिलीं। समिति ने उत्पादन के दौरान ही सख्त गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने को कहा है।

641 करोड़ का स्टॉक जमा

31 मार्च 2020 तक तीनों फैक्ट्रियों में 641 करोड़ रुपये का स्टॉक था, जो कुल उत्पादन लागत का 72% था। वर्क-इन-प्रोग्रेस स्टॉक 56% था और इसमें 102% तक वृद्धि हुई। समिति ने बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन, मांग का सटीक अनुमान और समय पर स्टॉक समीक्षा की सलाह दी है। AWEIL ने R&D पर संसाधनों का 2-3% खर्च करने की योजना बनाई है। समिति ने आधुनिक हथियार विकसित करने के लिए सरकार से अलग और सुनिश्चित बजट देने की सिफारिश की है।

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