Ram Mandir dONATION Case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में गुरुवार दोपहर 2:30 बजे संत समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। मणिराम दास छावनी परिसर में होने वाली इस बैठक में अयोध्या के प्रमुख साधु-संत और महंतों के साथ विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। बैठक को राम मंदिर और अयोध्या से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में 250 से 300 संतों के पहुंचने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में करीब 250 से 300 संतों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की हालिया घटना के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने और अयोध्या की छवि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।
अयोध्या और राम मंदिर को लेकर हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रमों के बीच संतों की इस बैठक को धार्मिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी भी हो सकते हैं शामिल
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संयुक्त महासचिव डॉ. कृष्ण गोपाल और पूर्व महासचिव भैयाजी जोशी के बैठक में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल, प्रांत प्रचार प्रमुख गंगा और सह-प्रांत प्रचारक मनोज कांत पहले से अयोध्या में मौजूद बताए जा रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के मुद्दों पर संतों से राय लेने की तैयारी
सूत्रों की मानें तो बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हालिया मामलों पर संत समाज की राय को प्रमुखता दी जा सकती है। कुछ संत अब तक उठाए गए कदमों के समर्थन में अपनी बात रख सकते हैं।
वहीं, ट्रस्ट की ओर से गठित नई धार्मिक समिति में कुछ ऐसे संतों को भी स्थान दिया गया है, जो पहले विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इसे संत समाज के साथ संवाद को मजबूत करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
चंपत राय के समर्थन में सामने आ सकते हैं संत
सूत्रों के मुताबिक, VHP और RSS की ओर से अयोध्या के संतों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रति संत समाज का समर्थन मजबूत करने और अधिक से अधिक संतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हो सकती है।
वहीं, यह भी संभावना जताई जा रही है कि बैठक के दौरान कुछ संत राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में अपनी राय सार्वजनिक रूप से रख सकते हैं। हालांकि, बैठक में अंतिम रूप से किन मुद्दों पर सहमति बनती है, यह चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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