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‘चंपत राय बेकसूर हैं’… चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या के संतों का खुला समर्थन

by | Jul 4, 2026 | News Latest

Champat Rai: अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच अब संत समाज भी खुलकर सामने आ गया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच कई प्रमुख संतों ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का समर्थन करते हुए उन्हें बेगुनाह बताया है। संतों का कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।

संतों ने क्या कहा

अयोध्या के कई संतों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि चंपत राय वर्षों से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। उनके अनुसार, उन पर लगाए जा रहे आरोपों को अंतिम सत्य मानना जल्दबाजी होगी। एक संत ने कहा, "चंपत राय बेकसूर हैं। यह सिर्फ कुछ दिनों के बादल हैं, जो जल्द छंट जाएंगे।" संतों का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।

क्या है पूरा विवाद

हाल के दिनों में मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर कुछ आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए, जिनमें चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं की बातें कही गईं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच तथा तथ्य सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से भी पहले स्पष्ट किया जा चुका है कि मंदिर से जुड़ी सभी वित्तीय प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित की जाती हैं।

जांच पूरी होने का इंतजार

संत समाज का कहना है कि किसी भी आरोप की सत्यता जांच के बाद ही तय होनी चाहिए। उनका मानना है कि अपुष्ट दावों के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर जानकारी पर बिना पुष्टि विश्वास न करें और केवल आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही राय बनाएं।

राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या के संतों ने चंपत राय के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। अब सभी की नजर जांच और आधिकारिक तथ्यों पर टिकी है, जिनसे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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