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आजम खान को बड़ा झटका, ‘तनखैया’ बयान मामले में अपील खारिज; 2 साल की सजा बरकरार

by | Jul 18, 2026 | News Top

Azam Khan Tankhaiya Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान को 2019 के चर्चित ‘तनखैया’ बयान मामले में बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायालय ने उनकी ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। इसके साथ ही आजम खान की दो साल की सजा और दोषसिद्धि कायम रहेगी। यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा हुआ है। अदालत के इस फैसले के बाद आजम खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की थी अपील

जानकारी के अनुसार, आजम खान ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आजम खान की अपील को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि में बदलाव का कोई आधार नहीं है।

2019 की चुनावी सभा से जुड़ा है मामला

यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान थाना भोट क्षेत्र के ग्राम मनकरा में आयोजित एक चुनावी सभा से संबंधित है। आरोप है कि चुनावी सभा के दौरान आजम खान ने अधिकारियों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और वैमनस्य फैलाने वाला बयान दिया था। इसी मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और बाद में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी।

आजम खान की राजनीतिक मुश्किलें पहले भी बढ़ी हैं

आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली नेताओं में रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से उन्हें कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है। अदालत के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक विरोधियों के बीच प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। फिलहाल न्यायालय के निर्णय के बाद उनकी सजा बरकरार रहेगी।

अदालत के फैसले पर आगे की नजर

अब इस मामले में आजम खान की ओर से आगे कोई कानूनी कदम उठाया जाता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी। वहीं, अदालत के फैसले के बाद इस मामले में आगे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

‘तनखैया’ बयान मामले में आजम खान को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए दो साल की सजा को बरकरार रखा है। 2019 की चुनावी सभा से शुरू हुआ यह मामला अब भी कानूनी प्रक्रिया में बना हुआ है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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