B Nagendra Resignation: कर्नाटक सरकार में मंत्री बी. नागेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के सामने अपने इस्तीफे की पेशकश की है। सूत्रों के मुताबिक, उनका कहना है कि वह अपनी वजह से कांग्रेस पार्टी को किसी तरह की परेशानी या शर्मिंदगी नहीं देना चाहते, इसलिए पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। नागेंद्र पर वाल्मीकि घोटाले को लेकर लगातार इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा था। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी सितंबर में रायचूर से बल्लारी तक पदयात्रा निकालने की तैयारी में है।
बीजेपी निकालेगी 10 दिन की पदयात्रा
बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा 1 से 10 सितंबर तक रायचूर से बल्लारी तक चलेगी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी इसके शुभारंभ में शामिल होंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। जनता दल सेक्युलर (JDS) ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया है।
कोर्ट से क्लीन चिट की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, नागेंद्र को भरोसा है कि उन्हें अदालत से इस मामले में क्लीन चिट मिल सकती है। इसके बाद वह दोबारा कैबिनेट में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, इस्तीफे को लेकर उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा करनी है। नागेंद्र का मानना है कि बीजेपी उनकी सरकार में वापसी को लेकर राजनीतिक रूप से चिंतित है और इसी वजह से पदयात्रा के जरिए कांग्रेस पर दबाव बनाया जा रहा है।
2028 चुनाव से पहले विपक्ष की घेराबंदी
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन बीजेपी और JDS ने अभी से कांग्रेस सरकार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। विपक्षी दल सरकार की कथित नाकामियों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच पहुंचने की तैयारी में हैं। रायचूर से बल्लारी तक प्रस्तावित पदयात्रा को भी इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, नागेंद्र के इस्तीफे की पेशकश से कर्नाटक की सियासत में हलचल और बढ़ गई है।
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