Breaking

Gujarat News: बनासकांठा में बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत; गांव में पसरा मातम

गुजरात के बनासकांठा जिले में शक्तिपीठ अंबाजी के पास अरावली पर्वतमाला में बड़ा हादसा हो गया। यहां डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मृतक बच्चों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गर्मी से राहत पाने तालाब पहुंचे थे बच्चे

जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच दोपहर के समय चार बच्चे तालाब के पास पहुंचे थे। इनमें तीन लड़के और एक छोटी बच्ची शामिल थी। बच्ची को तैरना नहीं आता था, इसलिए वह किनारे पर ही रुकी रही, जबकि बाकी तीनों बच्चे पानी में उतर गए। बताया जा रहा है कि नहाते समय बच्चे तालाब के अधिक गहरे हिस्से में पहुंच गए और वहां से बाहर नहीं निकल सके। कुछ ही देर में तीनों पानी में डूब गए।

घर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार के सदस्य और ग्रामीण बच्चों की तलाश में तालाब की ओर पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

दो सगे भाइयों की भी गई जान

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों में दो सगे भाई भी शामिल थे। इनमें एक की उम्र करीब सात वर्ष और दूसरे की उम्र लगभग दस वर्ष बताई गई है। तीसरे बच्चे की उम्र करीब आठ वर्ष थी। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। पटवारी, सरपंच, सर्कल अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे मामले की जानकारी जुटाई। तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अंबाजी के सरकारी अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में डूबने को ही मौत का कारण बताया है।

तालाब की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस तालाब में हादसा हुआ, वहां पहले से गहरे गड्ढे मौजूद थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में कार्य कर रही एक कंपनी द्वारा खुदाई किए जाने के बाद सुरक्षा संबंधी कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि तालाब के आसपास चेतावनी बोर्ड या खतरे के संकेत नहीं लगाए गए थे, जिससे लोगों को गहराई का अंदाजा नहीं हो सका।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

दुर्घटना के बाद गांव के लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा उपाय मजबूत करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संभावित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने मृतक बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी मदद उपलब्ध कराने की अपील की है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में हैं। अपने दो बेटों को खोने वाले परिवार का कहना है कि यह उनके लिए अपूरणीय क्षति है। गांव के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।

ये भी पढ़ें: Salim Kumar Passed Away: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक्टर सलीम कुमार का निधन, मलयालम सिनेमा में शोक

Deepika Gupta

Recent Posts

हरियाणा सिविल सचिवालय से फिरोजपुर के स्कूल तक, कई जगह बम धमाके की धमकी

Bomb Threat Punjab Schools: मुंबई, दिल्ली और चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालयों को बम से उड़ाने…

8 minutes ago

हवा साफ करने में खर्च हुए ₹574 करोड़, फिर भी मुंबई की AQI रैंकिंग गिरी

Mumbai: मुंबई की साफ हवा रैंकिंग में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है,…

8 minutes ago

Pakistan Row: न्यूयॉर्क की सड़कों पर ‘चोर आया’ पोस्टर का दावा, अमेरिका में क्यों मचा बवाल

Pakistan Row: अमेरिका में पाकिस्तान को लेकर वायरल हो रहे ‘चोर आया’ पोस्टरों की तस्वीरों…

17 minutes ago

कानपुर कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे ने हिटमैन से कहा- ‘पकड़े जाओ तो पत्नी का नाम लेना’

Kanpur Businessman Murder: कानपुर के फार्मा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस…

39 minutes ago

SIR को लेकर प्रियंका गांधी का बड़ा बयान, कहा- अगर अवैध काम हुआ तो CEC पर चलाया जाए आपराधिक मुकदमा

SIR Priyanka Gandhi Statement: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने SIR को लेकर मुख्य चुनाव…

40 minutes ago

ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: जलने की गंध आने पर भी ड्राइवर ने नहीं रोकी बस, बोला- ‘मरना है तो मर जाओ, बस नहीं रोकेंगे’

Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से…

56 minutes ago