Bangladesh President Mohammed Shahabuddin Resigns: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत राष्ट्रपति स्पीकर को संबोधित हस्ताक्षरित पत्र देकर इस्तीफा दे सकते हैं। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मो. सरवर आलम के मुताबिक, स्पीकर हाफिजउद्दीन अहमद ने गुरुवार शाम 5:01 बजे उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला
इस्तीफे की वजह पूछे जाने पर मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कई स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, "मुझे इस मुद्दे पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है।"
हालांकि, पिछले कुछ दिनों से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज थीं। सूत्रों के मुताबिक, शहाबुद्दीन पद छोड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो चुके थे। बंगभवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान भी उन्होंने इस्तीफे की तैयारी का संकेत दिया था।
शेख हसीना से कथित संपर्क बना विवाद की वजह
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन उस समय विवादों में आए, जब मई 2026 में इलाज के लिए लंदन यात्रा के दौरान उनके पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की खबरें सामने आईं। इस कॉल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे शेख हसीना से कथित साठगांठ के तौर पर देखा। इसके बाद उनकी राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठने लगे और उनके इस्तीफे का दबाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, BNP की ओर से राष्ट्रपति भवन तक भी इस संबंध में संदेश पहुंचाया गया था। 23 जुलाई से ही उनके स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने की खबरें आने लगी थीं।
BNP सरकार में बढ़ा राजनीतिक दबाव
बांग्लादेश में फिलहाल BNP की सरकार है और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान प्रधानमंत्री हैं। शेख हसीना और तारिक रहमान एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद भारत में रह रहीं शेख हसीना ने हाल ही में दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की है।
अप्रैल 2028 तक था कार्यकाल
1971 के मुक्ति संग्राम के योद्धा और लोअर ज्यूडिशियरी के पूर्व जज मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला था। उनका पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल अप्रैल 2028 में पूरा होना था, लेकिन उन्होंने करीब दो साल पहले ही इस्तीफा दे दिया।
सत्ता परिवर्तन के बाद शहाबुद्दीन एकमात्र हाई-प्रोफाइल राजनीतिक शख्सियत थे, जिनकी नियुक्ति शेख हसीना सरकार के दौरान हुई थी। ऐसे में उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देना बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
ये भी पढ़े: वाराणसी में CBI का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेते वरिष्ठ रेलवे अधिकारी नितिश अग्रवाल गिरफ्तार

