Bankipur Assembly Bypoll 2026: बिहार के हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है। अब उनका मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की रेखा गुप्ता और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा। यह उपचुनाव 30 जुलाई को होना है।
उपचुनाव क्यों हो रहा है?
यह सीट बीजेपी विधायक नितिन नवीन के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने और बाद में राज्यसभा सदस्य बनने के कारण खाली हुई। बांकीपुर सीट, जिसे 2005 तक पटना पश्चिम के नाम से जाना जाता था, पर बीजेपी 1995 से लगातार जीत दर्ज करती आ रही है। इससे पहले 1977 में जनता पार्टी के ठाकुर प्रसाद यहां से विधायक चुने गए थे।
अभिषेक कुमार को टिकट क्यों मिला?
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने अभिषेक कुमार के नाम की घोषणा की। बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने बताया कि अभिषेक पिछले 27 वर्षों से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं। वे बूथ अध्यक्ष से लेकर दो बार मंडल अध्यक्ष और पटना महानगर BJYM अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रतीक है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभिषेक के पक्ष में दो अहम बातें रहीं। पहली, वे कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिसकी बांकीपुर में अच्छी संख्या है। बीजेपी ने इस सीट पर हमेशा कायस्थ उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें ठाकुर प्रसाद, नवीन किशोर सिन्हा और नितिन नवीन शामिल हैं। दूसरी, अभिषेक नितिन नवीन के करीबी सहयोगी रहे हैं और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी का भी भरोसा हासिल है। हालांकि वे राज्य संगठन में महासचिव या उपाध्यक्ष जैसे बड़े पदों पर नहीं रहे हैं।
प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला दिलचस्प
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार किसी चुनाव में खुद उम्मीदवार बने हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी सीट किसी दल का स्थायी गढ़ नहीं होती और यह चुनाव सिर्फ विधानसभा सीट जीतने का नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछने का अवसर है। उनका कहना है कि बांकीपुर को एलीट सीट माना जाता है, इसलिए उन्होंने यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया।
वहीं, RJD ने एक बार फिर रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है, जो 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में नितिन नवीन से हारकर दूसरे स्थान पर रही थीं। 2025 के चुनाव में उन्हें 46,363 वोट मिले थे। बीजेपी जहां अपने पारंपरिक कायस्थ वोट बैंक पर भरोसा कर रही है, वहीं RJD अपने सामाजिक समीकरण और रेखा गुप्ता के समर्थन आधार पर दांव लगा रही है। दूसरी ओर, जन सुराज इस उपचुनाव को बिहार की NDA सरकार पर जनमत की तरह पेश करते हुए बड़े जनसभाओं के बजाय घर-घर संपर्क और मोहल्ला बैठकों के जरिए अपनी संगठनात्मक ताकत परखने की रणनीति अपना रही है।
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