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बरेली में जर्जर छज्जा बना काल, दादी और 6 साल की नातिन की दर्दनाक मौत

Bareilly House Collapse: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। जिले के तुरसा गांव में एक पुराने और जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में 70 वर्षीय नत्थो देवी और उनकी 6 वर्षीय नातिन दीपांजलि मलबे के नीचे दब गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, परिवार का एक मासूम बच्चा संयोगवश पेंसिल लेने के लिए वहां से उठ गया, जिससे उसकी जान बच गई।

अचानक गिर गया जर्जर छज्जा

स्थानीय लोगों के अनुसार, नत्थो देवी अपने पोते और नातिन के साथ मकान के बाहर छज्जे के नीचे बैठी थीं। इसी दौरान मकान का पुराना और कमजोर छज्जा अचानक ढह गया। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और भारी मलबा सीधे उनके ऊपर आ गिरा। हादसे के समय वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।

पेंसिल लेने उठा पोता, बच गई जान

बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ क्षण पहले नत्थो देवी का पोता अपनी पेंसिल लेने के लिए वहां से उठकर अंदर चला गया था। इसी वजह से वह छज्जे के नीचे नहीं था और उसकी जान बच गई। यदि वह वहीं बैठा रहता, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

ग्रामीणों ने मलबा हटाकर निकाला बाहर

छज्जा गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से जर्जर भवनों में रहने या उनके आसपास बैठने से बचने की अपील भी की है।

गांव में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे तुरसा गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की अचानक मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मकान काफी पुराना था और लगातार बारिश के कारण उसकी हालत और कमजोर हो गई थी।

जर्जर भवनों को लेकर बढ़ी चिंता

बरसात के मौसम में पुराने और कमजोर मकानों के गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों की समय-समय पर जांच और मरम्मत कराना जरूरी है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

बरेली के तुरसा गांव में जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दादी और उनकी मासूम नातिन की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। वहीं, पोते का कुछ क्षण पहले वहां से उठ जाना उसके लिए जीवनदान साबित हुआ। यह हादसा बरसात के मौसम में जर्जर भवनों की समय पर मरम्मत और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को भी एक बार फिर उजागर करता है।

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