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बंगाल बजट में बड़ा बदलाव! मदरसा शिक्षा के बजट में भारी कटौती, आधे से भी कम हुआ आवंटन

Madrasa Education Budget : पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा छेड़ दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा शिक्षा विभाग के लिए आवंटित राशि में बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। इसे राज्य की बजटीय प्राथमिकताओं में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आधे से भी कम हुआ बजट

बजट दस्तावेजों के अनुसार, अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा शिक्षा विभाग के लिए 2,165.42 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे पहले अंतरिम बजट में इस विभाग के लिए 5,713 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया था। इस तरह विभाग के बजट में 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है और आवंटन आधे से भी कम रह गया है।

सरकार की बदली हुई प्राथमिकताओं की चर्चा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार राज्य के संसाधनों को अलग-अलग क्षेत्रों में पुनर्वितरित करने की रणनीति पर काम कर रही है। बजट में रोजगार, बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक सुधार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिखाई दिया है। इसी वजह से कुछ विभागों के बजट में पुनर्संतुलन किया गया है।

राज्य में सैकड़ों मदरसे, लाखों छात्र प्रभावित हो सकते हैं

पश्चिम बंगाल में सैकड़ों मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं, जहां लाखों छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। बजट में कटौती के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि इसका असर विभाग की योजनाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न सहायता कार्यक्रमों पर किस हद तक पड़ेगा। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

राजनीतिक बहस के केंद्र में आया फैसला

मदरसा शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में कमी का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक पक्ष इसे वित्तीय पुनर्गठन बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे नीतिगत बदलाव के रूप में देख रहा है। आने वाले दिनों में विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर इस विषय पर और अधिक चर्चा होने की संभावना है।

बजट के अन्य बड़े ऐलान भी रहे चर्चा में

गौरतलब है कि इसी बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी, रोजगार सृजन और विभिन्न सामाजिक योजनाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए गए हैं। सरकार का दावा है कि बजट का मुख्य उद्देश्य विकास और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है।

पश्चिम बंगाल के बजट 2026 में मदरसा शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में की गई भारी कटौती ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। यह फैसला जहां सरकार की नई प्राथमिकताओं को दर्शाता है, वहीं इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

ये भी पढ़े: https://newsindia24x7.tv/bengal-budget-2026-da-hike-20-percent-shubhendu-government-first-budget/

Lavanya Dayal

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