दिल्ली में हॉस्टल की इमारत गिरने के बाद बिहार में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे PG और हॉस्टलों की पहचान की गई है। अब तक करीब 400 ऐसे ठिकाने सामने आए हैं।
बिहार पुलिस की एडीजी केएस अनुपम ने इसकी जानकारी दी है। उनके मुताबिक, इन सभी PG और हॉस्टलों की सूची तैयार की गई है। इसे सभी जिलाधिकारियों को भेजा गया है।
जिला प्रशासन को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी निगरानी
एडीजी केएस अनुपम के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी। इसके लिए एक मॉनिटरिंग टीम भी बनाई गई थी।
टीम ने अलग-अलग इलाकों में जाकर PG और हॉस्टलों की स्थिति की जानकारी जुटाई। जांच के बाद बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे संस्थानों की सूची तैयार की गई।
अब तक करीब 400 PG और हॉस्टल ऐसे मिले हैं। इनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। प्रशासन को इन मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए कहा गया है।
संबंधित विभाग रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहे हैं। जिलों में इसको लेकर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
हर महीने हॉस्टलों की निगरानी करती है पुलिस दीदी
बिहार में PG और हॉस्टलों की निगरानी के लिए पुलिस दीदी की व्यवस्था है। इसके तहत हर महीने हॉस्टलों का दौरा किया जाता है।
पुलिस दीदी वहां रहने वाले बच्चों से बातचीत करती हैं। उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली जाती है।
इस दौरान हॉस्टल की व्यवस्था और वहां की स्थिति का भी जायजा लिया जाता है। इसी निगरानी के दौरान कई बिना रजिस्ट्रेशन वाले PG और हॉस्टलों की जानकारी सामने आई।
इमारत की सुरक्षा जांच पर भी जोर
एडीजी केएस अनुपम ने इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि किसी बिल्डिंग के गिरने के पीछे उसकी उम्र भी एक कारण हो सकती है।
ऐसे मामलों में बिल्डिंग का ऑडिट जरूरी है। संबंधित विभाग को इमारत की सुरक्षा जांच करानी चाहिए।
पटना में चल रहे हॉस्टलों को लेकर भी बिल्डिंग ऑडिट कराया जा सकता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
SP स्तर पर भी होगी रजिस्ट्रेशन की जांच
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे PG और हॉस्टलों की पहचान के बाद अब जिलों में कार्रवाई शुरू है। सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
इसके अलावा SP स्तर पर भी रजिस्ट्रेशन की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित हॉस्टल या PG के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन का फोकस अब हॉस्टलों की सुरक्षा और नियमों के पालन पर है। दिल्ली हादसे के बाद इस निगरानी को और गंभीरता से लिया जा रहा है।

