Thursday, Oct 01

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Body Fat Importance: शरीर में फैट क्यों जरूरी है? जानिए इसके फायदे और ज्यादा फैट घटाने के नुकसान

Body Fat Importance: आमतौर पर शरीर में जमा फैट यानी चर्बी को लोग वजन बढ़ने और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि वजन कम करने वाली डाइट और फिटनेस ट्रेंड्स में शरीर की चर्बी घटाने पर काफी जोर दिया जाता है। हालांकि, शरीर के लिए फैट पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है। एक निश्चित मात्रा में मौजूद फैट शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को सही तरीके से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शरीर में फैट का क्या काम है?

शरीर में मौजूद वसा केवल अतिरिक्त वजन के तौर पर जमा नहीं होती, बल्कि यह ऊर्जा के स्रोत के रूप में भी काम करती है। जब शरीर को तुरंत ऊर्जा नहीं मिलती, तब फैट का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा शरीर के कई अंगों को सुरक्षा देने और उन्हें सामान्य तरीके से काम करने में भी फैट की भूमिका होती है।

फैट शरीर का तापमान बनाए रखने में भी मदद करता है। शरीर में पर्याप्त वसा होने पर गर्मी को बनाए रखने में सहायता मिलती है। साथ ही कुछ जरूरी विटामिन, खासकर विटामिन A, D, E और K, शरीर में ठीक तरह से अवशोषित होने के लिए फैट पर निर्भर करते हैं।

हार्मोन के लिए भी जरूरी है फैट

शरीर में फैट हार्मोन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर कोई व्यक्ति शरीर की चर्बी को जरूरत से ज्यादा कम करने की कोशिश करता है, तो इसका असर हार्मोनल संतुलन पर पड़ सकता है। महिलाओं में अत्यधिक वजन कम होने या शरीर में फैट का स्तर बहुत कम होने पर मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।

‘श्रेडेड बॉडी’ का बढ़ता ट्रेंड

सोशल मीडिया पर इन दिनों बेहद कम बॉडी फैट और स्पष्ट मांसपेशियों वाली फिटनेस को आदर्श शरीर के तौर पर दिखाया जाता है। इसे अक्सर ‘श्रेडेड बॉडी’ कहा जाता है। ऐसी तस्वीरों और वीडियो को देखकर कई लोग तेजी से फैट कम करने की कोशिश शुरू कर देते हैं।

हालांकि, हर व्यक्ति के लिए बहुत कम बॉडी फैट स्वस्थ या जरूरी नहीं होता। शरीर की जरूरत उम्र, लिंग, आनुवंशिकता, शारीरिक गतिविधि और अन्य कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने का लक्ष्य केवल शरीर की चर्बी को न्यूनतम स्तर तक पहुंचाना नहीं होना चाहिए। बहुत कम फैट होने की स्थिति में ऊर्जा की कमी, हार्मोनल बदलाव और पोषण संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए किसी भी तरह की डाइट या वजन घटाने की योजना व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार तय करना बेहतर है।

वजन घटाने वाली दवाओं और सोशल मीडिया फिटनेस ट्रेंड्स के बढ़ते प्रभाव के बीच यह समझना जरूरी है कि स्वस्थ शरीर का मतलब केवल दुबला या बेहद मस्कुलर दिखना नहीं है। संतुलित खान-पान, पर्याप्त पोषण और शरीर में जरूरी मात्रा में फैट बनाए रखना भी अच्छी सेहत का अहम हिस्सा है।