स्वास्थ्य समाचार

Brain Hemorrhage: ब्रेन हेमरेज कब और क्यों होता है, जानें कारण और बचाव

Brain Hemorrhage: ब्रेन हेमरेज दिमाग में होने वाला एक गंभीर रक्तस्राव है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। इस स्थिति में मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है और खून आसपास के ऊतकों में फैलने लगता है, जिससे दिमाग पर दबाव बढ़ता है। हाल ही में वरिष्ठ पटकथा लेखक Salim Khan को भी हल्का ब्रेन हेमरेज हुआ था। उनके उपचार के दौरान डॉक्टरों ने DSA (डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी) जांच प्रक्रिया अपनाई, जो सफल रही। ऐसे में आइए समझते हैं कि ब्रेन हेमरेज किन कारणों से होता है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं।

40 वर्ष के बाद बढ़ जाता है खतरा

ब्रेन हेमरेज को स्ट्रोक की एक गंभीर श्रेणी माना जाता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में Hemorrhagic Stroke कहा जाता है। यह समस्या सामान्यतः 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में अधिक देखी जाती है। हालांकि, आजकल तनावपूर्ण और असंतुलित जीवनशैली के चलते युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।

किन कारणों से होता है ब्रेन हेमरेज?

उच्च रक्तचाप: लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रहने से दिमाग की नाजुक नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे वे फट सकती हैं।

सिर में गंभीर चोट: सड़क दुर्घटना, गिरने या किसी अन्य हादसे में सिर पर चोट लगना।

नसों में सूजन या कमजोरी: दिमाग की रक्त वाहिकाओं में गुब्बारे जैसी सूजन, जिसे Cerebral Aneurysm कहा जाता है, फटने पर अचानक रक्तस्राव कर सकती है।

ब्लड थिनर दवाओं का अधिक सेवन: खून को पतला करने वाली दवाओं का अत्यधिक उपयोग भी जोखिम बढ़ा सकता है।

रक्त संबंधी विकार: कुछ विशेष बीमारियां भी ब्रेन हेमरेज की आशंका बढ़ाती हैं।

क्या हैं इसके प्रमुख लक्षण?

ब्रेन हेमरेज के संकेत अचानक और तीव्र हो सकते हैं, जैसे

तेज और असहनीय सिरदर्द

उल्टी या मितली

शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन

बोलने में परेशानी

चक्कर आना या बेहोशी

इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में आपातकालीन उपचार लेना चाहिए।

कैसे करें बचाव?

ब्रेन हेमरेज से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी है

ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से जांचते रहें और नियंत्रित रखें।

संतुलित आहार लें और नमक का सेवन सीमित करें।

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।

नियमित व्यायाम करें और वजन संतुलित रखें।

तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें।

यदि परिवार में स्ट्रोक या नसों की बीमारी का इतिहास है तो समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक है।

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Deepika Gupta

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