दुनिया

ब्रिटेन देगा अमेरिका को सैन्य बेस, ईरान पर बढ़ता खतरा, नागरिकों के लिए चेतावनी

Iran Missile Threat: पश्चिम एशिया में हालात और तेज़ हो गए हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने रविवार को ऐतिहासिक एलान किया कि ब्रिटेन अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का सीमित इस्तेमाल करने की अनुमति देगा। उनका कहना है कि यह कदम केवल ईरान के मिसाइल खतरों से बचाव के लिए है और लंदन सीधे किसी हमले में शामिल नहीं होगा।

पीछे की कहानी

यह फैसला 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त मिसाइल हमलों के तुरंत बाद आया। इन हमलों को क्रमशः ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी मीडिया ने पुष्टि की कि इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए।

प्रधानमंत्री STARMR का रुख

स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इन हमलों में शुरू से शामिल नहीं था और अब भी इसी रुख पर कायम है। हालांकि, उन्होंने ईरान पर पिछले दो दिनों में तनाव बढ़ाने और निहत्थे देशों पर लगातार हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान ने एयरपोर्ट और होटलों को भी निशाना बनाया है जहां ब्रिटिश नागरिक ठहरे हुए थे।

नागरिकों के लिए चेतावनी

प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में लगभग दो लाख ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने सभी से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की। स्टार्मर ने बताया कि बहरीन में हुए ईरानी हमले में ब्रिटिश नागरिक बाल-बाल बचे। उन्होंने चेतावनी दी कि सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान के हमले और भी खतरनाक हो सकते हैं।

समाधान के लिए बातचीत

ब्रिटेन का मानना है कि इस संकट का हल डिप्लोमेसी और बातचीत के माध्यम से ही निकल सकता है। उनका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने की जिद से रोकना है। साथ ही STARMR ने कहा कि ब्रिटिश जेट्स पहले से ही बचाव में लगे हैं और कई ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून का आधार

स्टार्मर ने जोर देकर कहा कि खतरे को रोकने का सबसे सुरक्षित तरीका मिसाइलों को उनके लॉन्चिंग ठिकानों पर ही खत्म करना है। अमेरिका को ब्रिटिश बेस इस्तेमाल करने की अनुमति इसी अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे में दी गई है। उनका कहना था कि वे इराक युद्ध जैसी गलतियों दोबारा नहीं दोहराएंगे।

यूरोप भी तैयार

ब्रिटेन के साथ फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के हमलों को रोकने का एलान किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन नेतृत्व ने ईरान की हरकतों पर गहरी नाराजगी जताई। इन नेताओं का कहना है कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को सीधे उनके लॉन्चिंग बेस पर ही नष्ट किया जा सकता है। इस बढ़ते तनाव और वैश्विक भागीदारी को देखते हुए, नाटो के शामिल होने की संभावना भी अब तेज़ी से बढ़ रही है।

ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट तनाव का ग्लोबल असर! एयर इंडिया की उड़ानें रद्द, दिल्ली एयरपोर्ट पर फंसे सैकड़ों यात्री

Shagun Chaurasia

Recent Posts

Trump-Xi Meet: ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में क्या-क्या हुआ? जानें प्रमुख बातें

Trump Xi Meet: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…

25 seconds ago

UAE की कंपनी में बॉस ने कर्मचारियों को तोहफे में बांटे iPhone

UAE Company iPhone Gift: ऑफिस में बॉस की मीटिंग का नाम सुनकर आमतौर पर कर्मचारी…

5 minutes ago

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बाद सीमा खन्ना पर निशाना, वोटर लिस्ट से जुड़ा क्या है विवाद?

Seema Khanna Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट और डिजिटल सिस्टम को लेकर…

38 minutes ago

एक्टर मुश्ताक खान के फैंस से बेटे मोहसिन की अपील, ‘गम नहीं उनकी यादें मनाएं’

Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की…

1 hour ago

एशियन गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजों का जलवा, गोल्ड के साथ बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड

India 10m Air Pistol Gold Medal: शुक्रवार को एशियाई खेलों में भारत ने शूटिंग के…

2 hours ago