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कैबिनेट विस्तार में क्यों हो रही है देरी? क्या सहयोगी दलों में मंत्री पद को लेकर अभी भी बनी हुई है असहमति?

by | Jul 1, 2026 | Breaking, News Big, Others

Cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि अब तक विस्तार की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सहयोगी दलों के बीच मंत्री पदों के बंटवारे और नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के चलते फैसला टल रहा है।

मोदी कैबिनेट में हैं 72 मंत्री

वर्तमान में केंद्र सरकार में 72 मंत्री हैं। हाल ही में जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद एक पद खाली हुआ है। इसके अलावा राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ अन्य मंत्रियों के विभागों में फेरबदल या कुछ इस्तीफे भी हो सकते हैं सूत्रों के मुताबिक, संभावित फेरबदल में कई मौजूदा मंत्रियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें रवनीत सिंह बिट्टू, हर्ष मल्होत्रा, पंकज चौधरी और निर्मला सीतारमण समेत कई नेताओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है।

शिवसेना को लेकर फंसा है मामला?

सूत्रों का दावा है कि सबसे ज्यादा चर्चा शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से को लेकर है। पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के नामों पर राय अलग बताई जा रही है। कुछ वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि एकनाथ शिंदे के बेटे को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जाए, जबकि पार्टी और भाजपा के कुछ नेताओं के बीच इस पर अलग मत होने की चर्चा है। इसके अलावा, कुछ नेताओं द्वारा मौजूदा केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव को लेकर भी असहमति जताए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में पार्टी के साथ आए कुछ नेताओं और सांसदों की भी केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व की इच्छा बताई जा रही है, लेकिन पार्टी के पुराने नेताओं के बीच इस पर एकमत नहीं बन पाया है।

एनसीपी में भी नामों पर मंथन

सूत्रों के अनुसार, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में भी मंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है। राजनीतिक हलकों में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम निर्णय उप मुख्यमंत्री एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार द्वारा ही लिया जाएगा।

पंजाब पर भी भाजपा की नजर

सूत्रों के मुताबिक, आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में पंजाब को विशेष प्रतिनिधित्व दिए जाने पर भी मंथन चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंजाब से दो नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इन चर्चाओं में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। संगठन में लंबे अनुभव और पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें संभावित दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, पंजाब से किसी युवा चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। युवा चेहरे के तौर पर राघव चड्ढा का नाम भी हो सकता है राघव चड्ढा ने अपने साथ बीजेपी में कई सांसदों को जोड़ा है माना जा रहा है कई और पंजाब के नेता आप से बीजेपी ज्वाइन हों सकते है।

सूत्रों के अनुसार, पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर अंतिम फैसला ले सकती है। फिलहाल संभावित नामों और मंत्री पदों को लेकर मंथन जारी है तथा अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री स्तर पर लिया जाएगा।

कब हो सकता है विस्तार?

सूत्रों का कहना है कि यदि सहयोगी दल अगले दो से तीन दिनों में अपने-अपने नामों पर सहमति बना लेते हैं, तो 5 जुलाई के आसपास केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना बन सकती है। हालांकि इस संबंध में केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।

फिलहाल सभी की नजरें भाजपा नेतृत्व और एनडीए के सहयोगी दलों की अंतिम सहमति पर टिकी हैं। इसके बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

रिपोर्ट/पंकज वानखेड़े
नई दिल्ली