Cabinet Meeting 7 Big Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के तकनीकी, औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के साथ-साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। कैबिनेट में कुल सात प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका असर रोजगार, निवेश, परिवहन और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर देखने को मिल सकता है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य भारत में चिप निर्माण को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। इससे देश में हाई-टेक उद्योगों के विस्तार और नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मोबाइल कॉरिडोर परियोजना को हरी झंडी
सरकार ने करीब 62,500 करोड़ रुपये की लागत वाली मोबाइल कॉरिडोर परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य मोबाइल निर्माण और उससे जुड़े उद्योगों के लिए आधुनिक औद्योगिक नेटवर्क तैयार करना है, जिससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।
वाराणसी एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में जाम की समस्या कम होने, यात्रा समय घटने और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बुनियादी ढांचे पर सरकार का विशेष फोकस
कैबिनेट ने सड़क और परिवहन से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट के फैसलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में विकसित करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स, चिप निर्माण और मोबाइल उत्पादन से जुड़े उद्योगों को नई नीतियों का लाभ मिलने की संभावना है।
रोजगार और निवेश बढ़ाने पर जोर
सरकार का कहना है कि नई परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए भी भारत एक आकर्षक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा।
'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को मिलेगी मजबूती
कैबिनेट के फैसले 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन योजनाओं से देश की तकनीकी क्षमता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा
कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार तकनीक, बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी और देश वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार आने वाले वर्षों में तकनीकी आत्मनिर्भरता, आधुनिक बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देना चाहती है। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, मोबाइल कॉरिडोर और वाराणसी एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं न केवल विकास को गति देंगी, बल्कि रोजगार, निवेश और बेहतर कनेक्टिविटी के नए अवसर भी पैदा करेंगी। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव इनके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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