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चिकन खाने वालों के लिए चेतावनी, नई रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात

Campylobacter Bacteria From Chicken: चिकन को लंबे समय से प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता रहा है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक वैज्ञानिक रिसर्च ने इसके सेवन से जुड़े एक संभावित स्वास्थ्य खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनियाभर में डायरिया और पेट संबंधी संक्रमण फैलाने वाले प्रमुख बैक्टीरिया कैंपिलोबैक्टर (Campylobacter) का संबंध संक्रमित मुर्गियों से हो सकता है।

रिसर्च में क्या सामने आया

यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS) में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने पाया कि पोल्ट्री उद्योग में मौजूद कुछ बैक्टीरिया इंसानों तक पहुंचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार, संक्रमित चिकन का सेवन करने या उसके संपर्क में आने से कैंपिलोबैक्टर बैक्टीरिया मानव शरीर में प्रवेश कर सकता है।

क्यों खतरनाक है कैंपिलोबैक्टर बैक्टीरिया

कैंपिलोबैक्टर संक्रमण आमतौर पर पेट और आंतों को प्रभावित करता है। इसके कारण दस्त, पेट दर्द, बुखार, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानियां पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है।

संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिकन के सेवन और रसोई में उसकी तैयारी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अपनाएं ये जरूरी उपाय

चिकन छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
कच्चे चिकन और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का उपयोग करें।
चिकन को हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग रखें।
रसोई की सतहों और बर्तनों की नियमित सफाई करें।

नई रिसर्च ने चिकन से जुड़े संभावित बैक्टीरियल संक्रमण को लेकर चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सही तरीके से पकाया गया और स्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया गया चिकन अभी भी सुरक्षित भोजन का हिस्सा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सावधानी ही इस तरह के संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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