Captain Akshat Saxena: 1999 में जब विंग कमांडर पंकज सक्सेना को ऑपरेशन सफेद सागर के लिए बुलाया गया, तब उनका बेटा अक्षत सिर्फ 8 साल का था। हिंडन में परिवार—अक्षत, उनकी मां संगीता और छोटे भाई अमन—को बस इंतजार करना पड़ता था। अक्षत बताते हैं कि परिवार को युद्ध की जानकारी थी, लेकिन वायुसेना के पायलट अपनी ड्यूटी और मिशन की जगह जैसी बातें परिवार से साझा नहीं करते थे, इसलिए घर में तनाव बना रहता था। पंकज सक्सेना 1981 में NDA के बाद भारतीय वायुसेना में कमीशन हुए थे। वह Mirage पायलट रहे और कई Mirage स्क्वाड्रनों में सेवा दी। कारगिल युद्ध के दौरान वह परीक्षक थे, लेकिन बाद में उन्हें एक फॉरवर्ड बेस पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। जुलाई 2022 में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हो गया।
पिता से जुड़ा खास संयोग
अक्षत के लिए सीरीज में काम करना इसलिए भी भावुक है क्योंकि 27 दिसंबर उनके पिता का जन्मदिन है। उन्होंने बताया कि 27 दिसंबर 2023 को उनका आखिरी फ्लाइंग डे था और ठीक एक साल बाद 27 दिसंबर 2024 को उन्होंने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के लिए पहला सीन शूट किया। अक्षत इसे संयोग और पिता का आशीर्वाद मानते हैं। उनकी मां संगीता ने कहा कि पंकज के एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद परिवार का एविएशन से रिश्ता बना रहा। पति और बच्चों को एक जैसी वर्दी में देखना उनके लिए गर्व का पल था।
कॉकपिट से कैमरे तक का सफर
अक्षत ने एक दशक से ज्यादा समय तक कमर्शियल पायलट के रूप में काम किया। इसके बाद थिएटर और एक्टिंग की ओर रुख किया। गुरुग्राम में ‘Delirious’ नाम के नाटक में अभिनय के बाद उन्हें ‘सफेद सागर’ के निर्माताओं से जुड़े व्यक्ति ने संपर्क किया। ऑडिशन के बाद उन्हें Air Traffic Controller की भूमिका मिली। उन्होंने कहा कि जिस एविएशन दुनिया को कॉकपिट से जिया था, वह अब कैमरे के सामने उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गई।
‘फाइटर कंट्रोलर भी उतने ही अहम’
अक्षत की इच्छा पायलट का किरदार निभाने की थी, लेकिन वह Fighter Controller की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके मुताबिक सैन्य विमानन में कंट्रोलर और फाइटर पायलट के बीच बेहद करीबी तालमेल होता है। कंट्रोलर रियल टाइम में कार्रवाई पर नजर रखकर पायलट को दिशा और जानकारी देता है। दोनों एक ही समय, दबाव और कम गलती की गुंजाइश के साथ काम करते हैं।
वायुसेना की वर्दी पहनना सपना पूरा होने जैसा
शूटिंग का एक यादगार अनुभव आदिल हुसैन, जो सीरीज में एयर मार्शल विनोद पटनायक की भूमिका निभा रहे हैं, के साथ काम करना था। अक्षत ने कहा कि एयरफोर्स की वर्दी पहनना उनका सपना था। जिमी शेरगिल और सिद्धार्थ के साथ स्क्रीन साझा करना भी उनके लिए खास रहा। बचपन की एयरफोर्स यादों में वह ‘बाउंसिंग’ परंपरा भी याद करते हैं, जब युवा अधिकारी कभी भी वरिष्ठों के घर पहुंच जाते थे। उनकी मां करीब 30 युवा अधिकारियों के लिए खाना बनाती थीं। घर में VCR पर फिल्में चलती थीं और अधिकारी कभी बीयर तो कभी दूध-हॉर्लिक्स के साथ परिवार का हिस्सा बन जाते थे। अक्षत हंसते हुए कहते हैं कि ऐसा लगभग हर तीसरे दिन होता था।
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